जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन समेत कई जरूरी दवाओं की आपूर्ति गड़बड़ाने से मरीज परेशान हैं। चीफ फार्मासिस्ट ने दवा निर्माता कंपनियों को टेंडर आर्डर भेज दिए हैं, लेकिन कंपनियां दवाओं की आपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को निर्धारित साल्ट दवाएं नहीं मिल रहीं और वह बाजार से अधिक दाम देकर खरीद रहे हैं।
जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट एसके दीक्षित ने बताया कि एंटी रेबीज वैक्सीन पिछले एक महीने से नहीं है। चालीस जरूरी दवाओं के टेंडर ऑर्डर भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभीतक दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों को चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाओं के निर्धारित साल्ट की दवाएं उपलब्ध नहंी हैं।
चीफ फार्मासिस्ट ने बताया कि कई दवा कंपनियां ने वाहनों में दवाएं लोड कर भेज दी हैं और रास्ते में हैं। एक दो दिन में आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। जबकि कई कंपनियाें ने ऑर्डर टेंडर पर अभी तक कोई रेस्पांस नहंीं दिया है। दीक्षित की माने तो सबसे ज्यादा किल्लत एआर वैक्सीन को लेकर है।
रोजाना 50 से 70 मरीज लौट रहे हैं। सीएमओ डाक्टर आरसी पांडेय ने कहा जरूरी दवाओं की कमी नहीं है, लेकिन चिकित्सक द्वारा लिखा गई निर्धारित साल्ट की दवाएं कम हो सकतीं हैं। जल्द ही लखनऊ में बात कर दवा का इंतजाम किया जाएगा।
ड्रग कारपोरेशन से होगी दवाओं की आपूर्ति
सीएमओ डा0 आरसी पांडेय ने बताया कि प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। शासन प्रदेश में ड्रग कारपोरेशन बना कर हर जिले में वेयर हाउस खोलेगा। वेयर हाउस से जिला, महिला, सीएचसी और पीएचसी को दवाएं आपूर्ति की जाएंगी। हर दवा का स्टॉक आनलाइन होगा। जिस जिले में कोई दवा कम होगी उसे दूसरे जिले से मंगा कर जरुरत पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया में छह महीने लगेंगे।