मौसम की बेरुखी से लगातार जिले में किसानों की जान जा रही है। मलावन
क्षेत्र के गांव पुरा निवासी किसान चंद्रभान (38) की रविवार रात सदमा लगने
से मौत हो गई। मिरहची के गांव रफीपुर निवासी किसान वरन सिंह (52) ने सोमवार
सुबह पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी पर एसडीएम
अजीत कुमार सिंह और पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराए
जाने के आदेश दिए हैं। जलेसर क्षेत्र में फसलाें को हुए नुकसान के मुआवजे
की मांग को लेकर ग्रामीणों ने गांव नगला छोकर और नगला सती पर जाम लगाया।
एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
मलावन क्षेत्र के गांव पुरा में चंद्रभान की मौत के बाद मौके पर लेखपाल
ने पहुंचकर केवल खानापूर्ति की। ग्रामीणों ने बताया कि किसान चंद्रभान
रविवार शाम खेत पर गए थे। जहां गेहूं की फसल में नुकसान देखकर उनकी हालत
बिगड़ गई और रात को मौत हो गई। बताते हैं कि किसानों के पास करीब 11 बीघा
जमीन है। उन्होंने गेहूं की फसल की थी। बरसात की मार से गेहूं की बाली में
अनाज नहीं भरा और खासा नुकसान हुआ। जिले में अब तक नौ किसानों की मौत हो
चुकी है।
गांव रफीपुर निवासी वरन सिंह के पास 14 बीघा खेत है, जिसमें
गेहूं की फसल बोई थी। बरसात से फसल को नुकसान होने पर सोमवार की सुबह वरन
सिंह ने खेत में खडे़ पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब घरवाले खेत
पर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह, राजस्व
निरीक्षक मुन्नालाल यादव, क्षेत्रीय लेखपाल रामचंद्र, थाना पुलिस मौके पर
पहुंच गई। ग्रामीणों ने बताया कि वरन सिंह के पास चार बीघा जमीन है वहीं 10
बीघा खेत पट्टे पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी। किसान को अपनी दो पुत्रियों
की शादी की चिंता सता रही थी।
ओलों से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिए
जाने की मांग को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने गांव नगला छोकर, नगला सती पर
जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम रवि प्रकाश श्रीवास्तव, पुलिस
क्षेत्राधिकारी कल्याण सिंह और पुलिस ने मुआवजा राशि दिलाए जाने का आश्वासन
देकर दो घंटे बाद जाम खुलवाया। जलेसर क्षेत्र में रविवार शाम तेज बारिश से
खेतों में पानी भर गया है। इसके चलते खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल
पानी में डूब गई। सोमवार को भी दिन भर बादल घुमड़ते रहे। किसानों की मानें
तो गेहूं का अनाज घर ले जाना मुश्किल हो रहा है। गेहूं के कटान के बाद फसल
सूखने में दो से तीन का समय लेती है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते
सुखाना मुश्किल हो रहा है।
जाम में महिलाएं भी रहीं मौजूद
जलेसर।
मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर नगला सती में लगे जाम में महिलाओं में वीता
यादव, शशि यादव, जयदेवी यादव, शीला यादव, मिथलेश यादव, विजय कुमारी यादव,
सरला यादव, मीना यादव आदि सैकड़ों महिलाएं मौजूद थीं। वहीं जाम के चलते
राहगीरों के अलावा विवि परीक्षाएं देने जा रहे छात्र-छात्राओं को भी
परेशानी हुई।
दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराए जाने के आदेश दिए
हैं। गांव पुरा में मरे किसान चंद्रभान का 11 अप्रैल से तबियत खराब होने
पर उपचार चल रहा था। रविवार शाम हालत खराब होने पर एटा लाया गया, जहां से
सैफई रेफर किया। सैफई ले जाते समय सुबह चार बजे मौत हो गई। यदि परिवारीजन
पोस्टमार्टम कराते हैं तो रिपोर्ट आने के बाद जो भी उचित मुआवजा होगा दिया
जाएगा।
- अजीत कुमार सिंह, एसडीएम सदर
किसानों ने ग्रामीण बैंक के बाहर किया प्रदर्शन
बारिश
व ओलावृष्टि से परेशान किसानों ने सोमवार को ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त
सरायनीम में प्रदर्शन किया। कहा कि केसीसी लोन पर बैंक बीमा के नाम पर
धनराशि काटती है, लेकिन फसल चौपट होने के बाद भी बीमा राशि कभी नहीं मिली।
इसे लेकर ग्रामीणों ने बैंक के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बैंक प्रबंधक
प्रमोद कुमार ने आश्वस्त किया कि राहत राशि के चेकों का भुगतान कराया
जाएगा। केसीसी लोन धारकों को बीमा कंपनी से सर्वेक्षण कराकर अतिशीघ्र
भुगतान कराया जाएगा।
डीएम ने नगला किसी और कमसान का किया निरीक्षण
सोमवार को जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलाें में 4138 किसानों को एक करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की मुआवजा राशि के चेक दिए। दूसरी ओर लेखपालों के न पहुंचने और सहायता राशि न मिलने की शिकायत पर डीएम निधि केसरवानी ने गांव कमसान, नगला किसी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। इसमें लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी निधि केसरवानी से कमसान निवासी सुधीर कुमार ने शिकायत की कि उसके पास 10 बीघा जमीन है। बरसात से फसल को नुकसान हुआ, लेकिन आज तक किसान ने नुकसान का आकलन नहीं किया है। डीएम ने लेखपाल को निर्देश दिए कि दो हेक्टेयर भूमि तक के किसानों में से कोई भी किसान मुआवजे से वंचित न रहे। सभी किसान अपनी-अपनी फसल में हुई हानि का ब्योरा लेखपाल को दर्ज करा दें, अगर कोई लेखपाल आनाकानी करता है या इसके एवज में रुपये मांगता है तो इसकी शिकायत दिए गए कंट्रोल रूम के नंबर पर दर्ज कराएं। नगला किसी निवासी इसराइल ने शिकायत की कि उसके बाद सात बीघा जमीन है। इसमें से मात्र डेढ़ बीघा जमीन का ही मुआवजा मिला है। एसडीएम अजीत कुमार सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
एडीएम वित्त राजेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को 4138 किसानों को डेढ़ करोड़ से ज्यादा की मुआवजा राशि दी है। अब तक 17298 किसानों को पांच करोड़ 68 लाख 45 हजार के चेक दे चुके हैं।