एटा। शब-ए-बरात का त्योहार रविवार को अकीदत के साथ मनाया गया। शब-ए-कदर की रात युवाओं और बुजुर्गों ने मस्जिदों में नमाज पढ़ी और इसके बाद कब्रिस्तानों ने बुजुर्गों की कब्र पर अगरबत्ती और मोमबत्ती आदि जलाकर फातिहा पढ़ी और उनके मगफिरत की दुआएं मांगीं। तकिया मोहल्ला में इशां की नमाज के बाद जलसे का आयोजन किया गया। इसमें मौलानाओं तकरीर की।
मुस्लिम समाज मेें सबसे अच्छी रात शब-ए-कदर की मानी जाती है। इस दिन लोग पूरी रात जागकर मस्जिदों और घरों में नमाज अता करते हैं वहीं कुरान का पाठ और तिलावत करते हैं। रात इशां की नमाज के बाद नफिल नमाज भी लोगों ने पढ़ी और इस दौरान कब्रिस्तानों पर मरहूमों की कब्रों पर मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाकर दुआएं मांगी। एडवोकेट इरफान अहमद ने बताया कि तकिया मोहल्ला में रात नौ बजे के बाद आयोजित जलसा में आयोजित जलसा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर तकरीर सुनीं और मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुुआएं मांगी।