एटा। सही उम्र में शादी करना, लड़कियों को उच्च शिक्षा दिलाना, स्कूली शिक्षा के दौरान किशोर-किशोरियों को गर्भनिरोधक के बारे में जानकारी देने के साथ ही अविवाहित और विवाहित किशोर किशोरियों के मध्य प्रभावी संवाद करने की क्षमता विकसित करने से यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है। यह बात परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ अभिनव दुबे ने यौन प्रजनन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
सीएमओ कार्यालय में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शादी में देरी का महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य और उनके परिवार नियोजन संबंधी निर्णय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि सही समय पर किशोर किशोरियों को परिवार नियोजन की उचित जानकारी मिल जाती है तो कम उम्र में मां बनने, बार- बार गर्भधारण करने, शिशु मृत्यु जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।