एटा। शहर में सीवर लाइन निर्माण का दो चरण का काम पूरा हो चुका है। वहीं तीसरे चरण का काम भी अपने अंतिम चरण में है। वहीं इसको जल निगम की ओर से नगर पालिका को हस्तांतरित किया जाना बाकी है। जिसकी वजह से अभी सीवर लाइन का ट्रायल ही चल रहा है।
शहर में पिछले लगभग 5 वर्षों से सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। इसके दो चरणों का काम पूरा हो चुका है। वहीं अंतिम चरण का भी 70 फीसदी काम लगभग पूरा हो चुका है। जल निगम ने दो चरण पूरे होने को बाद इस परियोजना को नगर पालिका के सुपुर्द करने के लिए पत्र लिखा है। मगर ईओ तथा अन्य इंजीनियरों ने परियोजना का निरीक्षण कर लिया है। इसमेें शहर की कुछ सड़कों पर सीवर लाइन पड़ने के बाद मरम्मत की गई थी। जोकि जगह-जगह फिर से खराब हो गई। इसके बाद ही नगर पालिका ने इनकी पुन: मरम्मत कराने के लिए जल निगम को पत्र लिखा गया। इसके बाद खराब सड़कों की मरम्मत कराने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। जल निगम के एई रविंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण का काम 2017-2022 के मध्य चला। इस दौरान 38 किमी सीवर लाइन का निर्माण हुआ। इसके लिए करीब 3.1 हजार लोगों ने सीवर लाइन के कनेक्शन लिए।
210 करोड़ की परियोजना 2017 में हुई थी शुरू
शहर में सीवर परियोजना की शुरूआत 2017 में हुई थी। इसके पहले चरण में 2017 से 2022 के मध्य हुए काम में महावीर पार्क में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाया गया। वहीं परियोजना के दूसरे चरण में 2019 से जनवरी 2023 तक लगभग 50 किलोमीटर में सीवर लाइन डाली गई। वहीं लगभग 3.6 हजार लोगों ने सीवर के कनेक्शन लिए। एई रविंद्र कुमार ने बताया कि तीसरे व अंतिम चरण में 2020 से काम प्रारंभ हुआ था जो कि दिसंबर 2023 तक कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसमें अब तक 56 किमी सीवर लाइन डाली गई। साथ ही इस दौरान दो स्थानों पर पंपिंग स्टेशन बनाए गए। एक पंपिंग स्टेशन महिला थाने के पास तो दूसरा शहीद पार्क में निर्माणाधीन है। इस चरण में कुल 144 किमी सीवर लाइन का निर्माण किया गया। तो 15 हजार 645 लोगों ने सीवर के कनैक्शन लिए। जल्द ही परियोजना का कार्य पूर्ण होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।