एटा। सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगा। इस दौरान उन्होंने भोले भंडारी को बिल्व पत्र, धतूरा चढ़ाकर मिठाई और भांग का भोग लगाया। रक्षाबंधन के चलते सोमवार का दिन और भी खास रहा। वहीं, लोगों ने सरकारी गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया। लोग एक-दूसरे से सटकर दर्शन और पूजन किए।
सोमवार की सुबह चार-पांच बजे से ही शिवालयों में घंटे-घड़ियाल बजने शुरू हो गए थे। इस दौरान शहर के प्रमुख शिवालय कैलाश मंदिर पर सुबह पांच बजे ही भक्त पहुंच गए थे। यहां भक्तों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी। मंदिर में लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क लगाने के बाद भी अंदर जाने दिया गया, लेकिन गर्भग़ृह में लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया।
भुजरिया का किया गया विसर्जन
रक्षाबंधन का त्योहार पड़ने पर लोगों ने कैलाश मंदिर के पास बने स्थान को तालाब मान परंपरागत रूप से भुजरिया विजर्सन किया। यहां बड़ी संख्या में लोग बाइक और पैदल पहुुंचे ओर भगवान को प्रणाम कर भुजरिया विसर्जन किया। इस दौरान यहां मंदिर पर लगने वाला भुजरिया विसर्जन मेला नहीं लग सका।