एटा। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में हुए सत्संग हादसे में एटा के 9 और कासगंज के 10 लोगों की जान चली गई। दोनों जिलों के लिए हादसा बड़ा आघात है। दोनों ही जिले एटा लोकसभा क्षेत्र में शामिल हैं। पीड़ित परिवारों से मिलने बुधवार को भाजपा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह एटा पहुंचे, लेकिन मौजूदा सपा सांसद देवेश शाक्य नहीं पहुंचे। इसे लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।
हादसे में अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले एटा-कासगंज जिले के 19 लोगों ने जान गंवाई है। जिनके परिवार बुरी तरह टूटे हुए हैं। ऐसे में उन्हें ढांढ़स बंधाने की खास जरूरत है। आमतौर पर राजनीति में इन मौकों को अच्छी तरह से समझा जाता है। नेता इस तरह के अवसरों पर चूकते भी नहीं हैं और मौके पर पहुंचकर हमदर्दी जरूर जताते हैं, लेकिन एटा लोकसभा क्षेत्र से पहली बार सांसद बने देवेश शाक्य अब तक नजर नहीं आए हैं। ऐसे में जहां यह स्थिति उनके पार्टीजन के लिए असहज है। वहीं, लोग उन्हें जमकर आड़े हाथ ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस संबंध में तमाम लोग पोस्ट और कमेंट कर रहे हैं। जता रहे हैं कि राजवीर सिंह अब सांसद न होते हुए भी दोनों जिलों में मृतकों के घर पहुंचे और पीड़ित परिजन को सांत्वना दी। जबकि वर्तमान में सांसद होकर देवेश शाक्य किसी के पास नहीं पहुंचे। इस बारे में सांसद देवेश शाक्य का कहना है कि घटना वाले दिन संसद की कार्यवाही में था। बृहस्पतिवार को हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार ऐसे घरों में जाया नहीं जाता है। हालांकि सभी पीड़ित परिवार वालों से फोन पर बात की है। रविवार और सोमवार को पूरे दिन एटा-कासगंज में पीड़ित परिवारों के बीच रहूंगा।