मौसम में बदलाव से तेजी से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। किसी को वायरल फीवर ने जकड़ रखा है, तो किसी को मलेरिया का शिकार है। डेंगू और चिकनगुनिया जैसे रोगों की आशंका से लोग जांच कराने पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि हर दिन जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन दो हजार मरीज आ रहे है। इनमें सबसे ज्यादा वायरल और मलेरिया से पीड़ित है। उधर, चिकनपॉक्स से एक मासूम की मौत के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का आलम है।
कभी बरसात तो कभी चिलचिलाती धूप। दोनों ही लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के चलते बीमारियों का कहर बरपना शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में आए दिन मलेरिया और वायरल फीवर के शिकार लोग पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया होने का डर सताने से लोग जांचे करा रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दो हजार से अधिक मरीजों ने जांच कराई। गंभीर मरीजों को भर्ती कराया गया। अन्य को जांच और परामर्श के बाद दवा दी गई। जिला कारागार में दहेज हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी जैथरा निवासी विनोद कुमार को बुखार की शिकायत पर मंगलवार को रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डेंगू की आशंका के चलते कैदी का परीक्षण कराया गया। उधर, चिकनपॉक्स से एक मासूम की मौत के बाद ग्रामीण इलाकों में दहशत का आलम है। नगला भोज के पड़ोसी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें बुधवार को पहुंच गईं। गांव में बच्चों को खसरा टेस्ट किया गया। सीएमएस डा. एके चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ रही हैं। वायरल बुखार का प्रकोप ज्यादा है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।