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जर्जर तार बने जी का जंजाल

Thu, 09 Jul 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
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दशकों पुरानी बिजली लाइन और पोल अब हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। बरसात का मौसम आते ही पोल से करंट उतरने लगता है, जिसके चलते इससे होने वाले हादसों का ग्राफ भी बढ़ जाता है। बुधवार को मारहरा में पोल से करंट उतर आने के चलते एक भैंस मर गई थी। गुस्साए लोगों ने जाम भी लगाया था। विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। ऐसे ही अब तक कई और हादसे हो चुके हैं।
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शहर से लेकर गांवों तक पुराने लोहे के पोल लगे हुए हैं। लाइनें भी उतनी ही पुरानी हैं। ऐसे में झूलती लाइनें कभी-कभी पोल से टच भी हो जाती हैं, और उनमें करंट उतर आता है। जर्जर बिजली लाइनों की वजह से ही फॉल्ट की समस्या भी बनी रहती है। इसके चलते अघोषित बिजली की कटौती भी होती है।  
 
इंसूलेटर शॉर्ट से होते हैं हादसे
पोल और लाइनों के पुराने होने के साथ-साथ पोल पर तार को रोकने के लिए पोलों पर लगाए जाने वाले इंसूलेटर भी पुराने हैं। इंजीनियरों की मानें तो इनके शॉर्ट होने के बाद इस बंधा हुआ तार पोल से टच हो जाता है। इसके चलते पोलों में करंट उतर आता है। और इसकी चपेट में आने वाले पशु, जानवर और लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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बल्ली के सहारे दौड़ रहा करंट भी हादसों का कारण
शहर में कई जगह बांस बल्लियों के सहारे करंट दौड़ रहा है। पोलों की कमी की वजह से लोगों की केबल बांस बल्ली के सहारे है। कहीं-कहीं पोल मकानों की जद में लगे हैं। ऐसे में मकान मालिक बिजली करंट से दहशत में रहते हैं।  
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अब तक हुए हादसे
- गत वर्ष बरसात में पोल में करंट उतर आने से पटियाली गेट पर एक गाय मर गई थी।
- शांति नगर में पोल में करंट से अफरा तफरी का माहौल बन गया था।
- शहर में पोल पर करंट उतर आने से नई बस्ती में कई जानवर मर गए थे।
 
 
जर्जर बिजली लाइन और पोलों का विभाग की ओर से समय-समय पर परीक्षण कराया जाता है, और उन्हें बदलवाया भी जाता है। शीघ्र ही यह कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- एके जैन, अधीक्षण अभियंता
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