शासन के निर्देश चाहे कितने भी सख्त रहे हों, पर, जनपद में कभी भी रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल सकी है। जर्जर तार, उपकेंद्र के खस्ताहाल उपकरण और ओवरलोड से फुंकते ट्रांसफार्मर से कटौती बड़ी समस्या है। अब नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर बिजली सप्लाई का नया रोस्टर भी आया है। पर, यह भी पहले दिन ही धड़ाम दिखा।
योगी सरकार ने जिला मुख्यालय पर 22 घंटे, तहसील मुख्यालय 20 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे की बिजली का रोस्टर सोमवार को निर्धारित किया। अब इस रोस्टर के मुताबिक बिजली दी जानी है। नए रोस्टर के मुताबिक बिजली दे पाना विद्युत विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जिला मुख्यालय पर ही आपूर्ति की स्थिति देखें तो रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पाती। प्रभु पार्क के बिजलीघर पर ही होली से पहले से ट्रांसफार्मर फुंका है, यहां मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली की सप्लाई हो रही है। पर, बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है। रेलवे रोड इलाके में भी मंगलवार को बिजली की आंखमिचौनी बनी रही। वहीं लवकुश नगर, पालनगर, अशोकनगर जैसी तमाम बस्तियां हैं, जहां बिजली के पोल ही नहीं लगे हैं।
तीर्थनगरी सोरों में भी विद्युत व्यवस्था बदहाल है। बदरिया में बना विद्युत उपकेंद्र से अभीतक तीर्थनगरी को सप्लाई नहीं दी जा रही। नगरिया, होडलपुर आदि गांवों में भी लोग बताते हैं कि 8 से 10 घंटे भी आपूर्ति मुश्किल है। अमांपुर इलाके में भी मंगलवार को भी 8 घंटे सप्लाई नहीं मिली। सहावर, पटियाली, गंजडुडवारा, सिढ़पुरा इलाकों में भी बिजली के रोस्टर का पालन नहीं हो रहा।
कई माह से फुंके हैं ट्रांसफार्मर
अमांपुर की नादरर्मई की दलित बस्ती में करीब एक साल से ट्रांसफार्मर फुंका है, तो सिरावली गांव में छह महीने से दो ट्रांसफार्मर फुंके हैं। किनावा गांव में दस दिन से ट्रांसफार्मर फुंका है, लेकिन अभी तक विभाग ने नहीं बदला। यही स्थिति तमाम गांवों की है। अधिशासी अभियंता सत्यदेव सिंह का कहना है कि सरकार ने नया रोस्टर जारी कर दिया है। नए रोस्टर के मुताबिक जिला मुख्यालय को 22 घंटे, तहसील मुख्यालय को 20 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटों की बिजली सुनिश्चित की जाएगी। खराब ट्रांसफार्मर भी शीघ्र बदले जाएंगे।