खादर की जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे थे। इसी मिलीभगत के चलते जिलाधिकारी के निर्देश पर खादर के गांव किसौल किलौनी के राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होने के बाद कई और राजस्व कर्मियों पर गाज कर सकती है।
किसौल और किलौनी गांव पर राजस्व निरीक्षक अनार सिंह तैनात हैं।
इनका पद राजस्व निरीक्षक का है लेकिन लेखपाल का जिम्मा भी इन्हीं के पास है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इनके द्वारा कब्जों की शिकायत का निस्तारण नहीं किया गया। जिसके चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गंगा खादर की जमीनों पर प्रशासन अधिकृत रूप से पट्टे नहीं देता लेकिन साठ गांठ करके क्षेत्र के लेखपाल और कानून तो ग्रामीणों के खेती करने पर कोई आपत्ति नहीं करते जिससे वर्षों से ये खेल चला आ रहा है।
पांच मौतों के बाद खादर की जंग के सुर्खियों में आ जाने से अब इस खेल का खुलासा हो रहा है। जिलाधिकारी के विजियेंद्र पांडियन ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच हो रही है। राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर अभी और लोग भी इसमें नपेंगे।