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Etah News: फर्जी टीसी बनाने में शिक्षक और सहायक लेखाकार पर रिपोर्ट

Fri, 31 Mar 2023 12:19 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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राजा का रामपुर/एटा।
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थाना क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिल्सड़ पछायां से फर्जी टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) जारी कर दी गई। इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन पोर्टल पर हुई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाने में एक के बाद एक तीन तहरीर दीं, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। अब जाकर चौथी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अलीगंज के खंड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र कुमार अहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके मुताबिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिल्सड़ पछायां से 2016 में सीमा निवासी बिल्सड़ पछायां के नाम एक टीसी जारी की गई। इसमें कक्षा आठ के बाद शिक्षा न होना विद्यालय छोड़ने का कारण दर्शाया गया। इस टीसी के फर्जी होने की शिकायत एंटी करप्शन पोर्टल पर की गई। इस पर विभाग ने जांच शुरू की।
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जांच में पाया गया कि तत्कालीन प्रधानाध्यापक ओमवीर सिंह के समय में सीमा को अनुचित लाभ देने के लिए विद्यालय का रजिस्टर ही बदल दिया गया था। इसे एक दिन में फर्जी ढंग से तैयार किया गया। इसमें यह भी दर्ज किया गया कि सीमा ने इससे पहले प्राथमिक विद्यालय बिल्सड़ में शिक्षा प्राप्त की। इस पर बिल्सड़ में संचालित पुवायां, पछायां और पट्टी के प्राथमिक विद्यालयों में पड़ताल की गई।

तीनों में ही सीमा के नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इससे साफ हो गया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया। खंड शिक्षाधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने सीमा, ओमवीर सिंह सहित खंड शिक्षाधिकारी अलीगंज कार्यालय में तैनात संविदा सहायक लेखाकार अमित के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है।


बीईओ बोले, पुलिस ने किया परेशान
बीईओ सुरेंद्र कुमार का कहना है कि सबसे पहले 12 सितंबर 2022, फिर 20 अक्तूबर 2022 को तहरीर दी। लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। विभाग से नोटिस मिलने पर 27 मार्च 2023 को एक और तहरीर थाने पर देकर आए। 29 मार्च को बुलाया गया तो दोपहर 1 बजे थाने पहुंचे। यहां तहरीर को गलत बताकर बलवाया। इसके बावजूद पांच घंटे तक अनावश्यक रूप से भूखे-प्यासे बैठाया गया। जिससे मेरी तबीयत खराब हो गई। शाम 6 बजे रिसीविंग दी गई, तब थाने से वापस लौटा।


पुलिस बोली, गलत थी तहरीर
थाना प्रभारी संजय राघव का कहना है कि पहले जो तहरीरें दी गईं, उसमें यह स्पष्ट नहीं था कि किसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाना है। इस संबंध में संशोधन करने के लिए कहा, लेकिन नहीं किया। 29 मार्च को संशोधित करके तहरीर दी, तब मुकदमा दर्ज किया गया है। बीईओ दोपहर 2 बजे आए, करीब ढाई घंटे में दूसरी तहरीर दी। इसके बाद रिसीविंग दे दी गई। अनावश्यक बिल्कुल नहीं बैठाया।


तत्कालीन एबीएसए को बचाया
सुभाष चंद्र निवासी पहाड़पुर जिला शाहजहांपुर ने एंटी करप्शन पोर्टल पर इस संबंध में शिकायत की थी। जिसमें तत्कालीन प्रधानाध्यापक और एबीएसए की मिलीभगत से फर्जी टीसी जारी करने का आरोप लगाया गया था। जांच में टीसी तो फर्जी साबित हो गई। लेकिन विभाग ने तत्कालीन एबीएसए को बचा लिया। हालांकि तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने सहायक लेखाकार द्वारा धमकाकर टीसी और रजिस्टर पर साइन करने की बात लिखकर दी थी।


यह है पूरा मामला
सीमा का विवाह शाहजहांपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार से हुआ था। जो शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु के बाद सीमा को सेवक की नौकरी दे दी गई। जिसमें कक्षा आठ के अंकपत्र और टीसी लगाई गई। जिसे शिकायत में फर्जी बताया गया है। एटा बीएसए की रिपोर्ट पर शाहजहांपुर बीएसए ने सीमा के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
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शिकायत मिलने पर काफी पहले जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षाधिकारी को आदेशित किया था। एफआईआर न होने पर पिछले दिनों समीक्षा कर नोटिस जारी किया गया। मामले से संबंधित अन्य कोई दोषी होता है तो पुलिस विवेचना में सामने आ जाएगा।
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