एटा। जिला पंचायत की ओर से शहर के प्रमुख नाले के एक हिस्सा को पक्का कराया जा रहा है। करीब एक करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी इसे मानक के अनुसार नहीं बनाया गया। वहीं करीब 350 मीटर नाले को पक्का करने में विभाग को दो साल लग गए। इस नाले का प्रस्ताव 2021 में पास हुआ था।
शहर का प्रमुख नाला अलीगंज तिराहे से भदों के ताल तक गुजरता है। इस नाले को पक्का करने के लिए कई साल से पालिका की ओर से कवायद चल रही थी। जिला पंचायत ने शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से में इसे पक्का कराने का निर्णय लिया। साल 2021 में जिला पंचायत की बैठक में करीब 350 मीटर लंबे नाले को पक्का करने के लिए प्रस्ताव पास हुआ।
उसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया। लेकिन मानक के अनुसार नहीं बनाया गया। नाले की लंबाई भी सीधी नहीं रखी गई। यह नाला गौतमबुद्ध नगर से नवीन गल्ला मंडी तक करीब 350 मीटर तक ही पक्का किया गया है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से इसका काम किया गया है।
एक सूत की सरिया डालकर लगाई जा रही दीवार
निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा नाले की दीवार बनाने में सिर्फ एक सूत की सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं बाहर की दीवारें भी बहुत पतली बनाई गई हैं। अगर दोनों ओर से मिट्टी-पानी का दबाव अधिक रहा तो नाले की दीवारें गिर भी सकती हैं।
जिला पंचायत की ओर से वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रोजेक्ट के तहत करीब 350 मीटर लंबे नाले का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अगर मानक के अनुसार नहीं बना हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - राहुल कुमार, एएमए जिला पंचायत