एटा। जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत महीनों पूर्व मांगी गई आस्तियों (कॉलेज की अचल संपत्ति)के संरक्षण की सूचना जिले के 28 अनुदानित विद्यालयों ने अभी तक नहीं दी है। लापरवाही पर खफा डीआईओएस ने दो दिन में सूचना न देने वालों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
विभागीय आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले विद्यालय संचालक उच्च न्यायायल के आदेश एवं जन सूचना अधिकार अधिनियम को भी गंभीरता से नहीं ले रहे। दो माह पूर्व जारी आदेश के बाद भी जिले के 28 यानी आधे से अधिक विद्यालयों ने यह सूचना प्रस्तुत नहीं की है।
इतना ही नहीं लापरवाही दिखा रहे सभी विद्यालय शासन से अनुदानित हैं। संस्थाओं की उदासीनता पर खफा डीआईओएस एमपी सिंह ने दो दिन में सूचना न प्रस्तुत करने वाले संस्थाओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि जिले में संचालित 54 अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में से मात्र 26 ने ही सूचना दी है।
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क्या है मामला
कानपुर निवासी लोकतंत्र संरक्षक सेनानी शिव सहाय मिश्र द्वारा अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों से संबंधित आस्तियों के संरक्षण की जन सूचना अधिकार के अंतर्गत जानकारी चाही थी। जो हाईकोर्ट में योजित विशेष अपील से संबंधित है। इसमें अन्य सूचनाओं के साथ खसरा, खतौनी एवं विद्यालय का नक्शा भी चाहा गया है।