एटा। लंबे समय से प्रतीक्षित एटा-कासगंज ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन व रेलवे विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। शनिवार को राजस्व विभाग व रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने तहसील सदर के गांव श्यौराई पहुंचकर एक बार फिर व्यापक भू-मूल्यांकन किया। टीम ने उन किसानों और भू-स्वामियों से भी बात की जिनकी जमीन प्रस्तावित रेल लाइन के दायरे में आ रही है।
तहसील सदर के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक व लेखपालों की टीम रेलवे अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रही। टीम ने खेती योग्य और गैर-खेती योग्य भूमि की गाटा संख्याओं का पुनः मिलान करते हुए जमीन के सीमांकन का कार्य पूरा किया। अधिकारियों ने बताया कि इस दोबारा किए गए सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किसान की भूमि विवरण में त्रुटि न रहे। भविष्य में मुआवजा वितरण के दौरान कोई विवाद न उत्पन्न हो इसके लिए भूमि की सही स्थिति स्वामित्व और श्रेणी की पुष्टि बेहद आवश्यक है। संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद किसानों और जमीन मालिकों से उनकी समस्याएं व आपत्तियां भी सुनीं। कई किसानों ने मुआवजे की दर और भूमि के वास्तविक मूल्य को लेकर जानकारी मांगी जिस पर अधिकारियों ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है। मौके पर कई किसानों ने चिन्हांकन के दौरान अपने खेतों की वास्तविक स्थिति भी टीम को बताई।
रेलवे और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जमीनी सर्वे और मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका है। अब प्रशासन के स्तर से 20एफ गजट जारी किया जाएगा जिसे इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि 20एफ गजट प्रकाशित होने के बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। इसके बाद रेलवे निर्माण कार्य प्रारंभ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। एटा-कासगंज ब्रॉडगेज लाइन क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इसके शुरू होने से यातायात सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। लोगों में भी परियोजना को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। किसान यह उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें उचित मुआवजा मिले और क्षेत्र की लंबे समय से लंबित यह रेल परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ सके।