रंगपंचमी के अवसर पर सोमवार को तीर्थ नगरी में अबीर और गुलाल से सराबोर होकर हर्ष और उल्लास में लोग डूब गए। रंगपंचमी का पर्व पारंपरिक रीति से मनाया गया। सुबह हरिपदी किनारे स्थित वराह मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं ने अबीर गुलाल उड़ाकर एक दूसरे को तिलक लगाया। ढोलक मजीरे की थाप पर होली की भेंटें गाईं। इसके बाद मां गंगा व वराह की भव्य शोभायात्रा समूचे नगर में निकाली गई।
पूर्व ऊर्जा मंत्री मंत्री व बसपा विधायक रामवीर उपाध्याय ने मां गंगा का पूजन कर व आरती उतारकर शोभायात्रा का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी की ऐतिहासिक महत्ता से समूचा भारत वर्ष भलीभांति परिचित है। मां गंगा व वराह की इस पावन भूमि का कण कण पवित्र है। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा प्रदेश सत्ता में काबिज होती है तो तीर्थ नगरी को तीर्थस्थल घोषित करायेंगे। वहीं सोरों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। शेभायात्रा में एक दर्जन झांकियां शामिल हुई। जिनमें सबसे पहले मां गंगा की झांकी, इसके पीछे आदि वराह, गजानन, र्साइंबाबा, हनुमानजी, राधाकृष्ण, शिव पार्वती, राम दरबार आदि की झांकियां थीं। शोभायात्रा ने चक्रतीर्थ, बारू बाजार, चैदहपोर, कटरा बाजार, रासमसिंहपुरा, कछला गेट, सहावर गेट, चंदनचौक, हरि की पैड़ी, बदरिया आदि क्षेत्रों में भ्रमण किया। शोभायात्रा के साथ साथ शिव पार्वती व राधाकृष्ण का स्वरूप में कलाकार नृत्य करते चल रहे थे। शोभायात्रा के साथ साथ चल रहे रंग भरे भगौनों से बार बार मार्ग में रंग गुलाल अबीर उड़ाया जा रहा था। गंगा भक्त समिति अध्यक्ष सतीष भारद्वाज ने रामवीर उपाध्याय को पगड़ी पहनाकर व प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया। इस मौके पर पूर्व विधायक हसरत उल्ला शेरवानी, उद्योगपति अजय चतुर्वेदी, बालकिशन दुबे, अमित अग्रवाल, प्रमोद पचैरी, बंशीधर, संतोष मिश्र, दिनेश याराना, योगेश सोनी, सुमित पचैरी आदि बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।