जीआईसी के कक्ष में रखे प्रश्नपत्र और टूटी जाली को ढंकने के लिए लगे बोर्ड ।
- फोटो : जीआईसी के कक्ष में रखे प्रश्नपत्र और टूटी जाली को ढंकने के लिए लगे बोर्ड ।
एटा। जिला यूपी बोर्ड परीक्षा में अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इस लिहाज से अतिरिक्त सुरक्षा बरतने की निर्देश हैं, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही जिम्मेदारों की गंभीरता नजर आ गई। शुक्रवार को जहां प्रश्नपत्र रखवाए गए, उन कमरों के जंगलों में खिड़कियां ही नहीं हैं। लगाई गई लोहे की जालियां भी टूटी हुई हैं। इन पर अंदर से जंगले से छोटा ब्लैक बोर्ड रखकर खानापूर्ति कर दी गई।
केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय के कक्षों-जंगलों को भी सील किया जाए। ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए, लेकिन जहां प्रश्नपत्र रखवाए गए हैं, उसकी सुरक्षा पर जिम्मेदारों ने आंखें बंद कर लीं। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में शुक्रवार को प्रश्नपत्र पुलिस सुरक्षा में पहुंचे। पुलिस की निगरानी में ही इनको संकलन केंद्र बनाए गए जीआईसी में रखवाया गया। शिक्षा परिषद के निर्देश हैं कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिन कक्षों में प्रश्नपत्र रखवाए जाएं। वहां सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चलें। कक्षों को पूरी तरह से सील कर दिया जाए। जंगलों को भी सील किया जाए।
जीआईसी में प्रश्नपत्रों को जिन तीन कक्षों में रखवाया गया है, उनमें जमीन पर पॉलिथीन नहीं बिछाई गई। इसके अलावा कक्षों में लगे जंगलों को सील नहीं किया गया है। यहां तक कि तीनों कक्षों में लगे जंगलों पर खिड़कियां ही नहीं हैं। इनकी जालियां भी टूटी हुईं है। अंदर से जालियां टूटी न दिखें और बाहर से अंदर का न दिखे, इसके लिए ब्लैक बोर्ड रख दिया गया है, जो जंगलों को पूरी तरह ढंक भी नहीं पा रहा है।
खिड़कियों की जाली को सही कराने के निर्देश दिए गए थे। मामले को दिखवाया जा रहा है, जाली टूटी है तो लगवाई जाएगी। - डॉ. इंद्रजीत, डीआईओएस