एटा। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के साथ ही इसके इलाज से संबंधित दवाओं व उपकरणों की किल्लत बढ़ती जा रही है। बाजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन पहले से नहीं था। अब पल्स ऑक्सीमीटर भी ढूंढ़े नहीं मिल रहे। जबकि होम आइसोलेट किए जाने वाले मरीजों के लिए यह आवश्यक।
कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने की समस्या रहती है। इसलिए होम आइसोलेट मरीजों को सलाह दी जाती है कि पल्स ऑक्सीमीटर जरूर रखें, जिससे अपना ऑक्सीजन लेवल नापते रहें। इन दिनों ऑक्सीमीटर खरीदने के लिए दवा की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। लेकिन यह कहीं उपलब्ध नहीं है। कोविड के गंभीर मरीजों को दिया जाने वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बाजार में नहीं है, वहीं टैमीफ्लू, विटामिन सी आदि दवाओं की भी कमी है।
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बंदिशों के चलते दवा व्यापारी नहीं ला रहे रेमडेसिविर
थोक विक्रेताओं को रेमडेसिविर इंजेक्शन रखने की छूट तो है, लेकिन बंदिश लगाई गई हैं। बिक्री करने से पहले उन्हें औषधि विभाग को जानकारी देकर अनुमति लेनी होगी। इस झंझट के चलते व्यापारी इंजेक्शन नहीं मंगा रहे हैं।
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व्यापारी बोले
कोविड संबंधी कुछ दवाओं व उपकरणों की आपूर्ति कंपनियों से ही नहीं मिल पा रही। जिसके चलते समस्या आ रही है। ऑक्सीमीटर की विशेष कमी है।
- अरविंद कुमार सिंह, अध्यक्ष एटा कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
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कोविड संक्रमण कम होने पर कंपनियों ने उत्पादन भी कम कर दिया। दूसरी लहर में अब अचानक से मांग बढ़ी है। आपूर्ति धीरे-धीरे मिल रही है।
- अमिताभ बिसारिया, दवा विक्रेता
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वर्जन
दवा व उपकरणों की कहीं जमाखोरी और कालाबाजारी न हो, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। आम लोग भी इन्हें अनावश्यक रूप से खरीदकर न रखें। इससे जरूरतमंदों को समस्या होती है।
- दीपक कुमार, दवा निरीक्षक