ट्रकों के रोके जाने के बाद खाना पकाते चालक और क्लीनर। संवाद
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एटा। जनता कर्फ्यू में बढ़ चढ़कर भाग लेने में कोई पीछे नहीं रहा। ट्रक चालकों ने इस दौरान एक दिन का बसेरा सड़क किनारे बना लिया और भोजन व सोने की अस्थाई व्यवस्थाएं बनाई गईं।
कोरोना वायरस को मात देने के लिए लोगों के कदम रविवार की सुबह सात बजे खुद थम गए और वाहनों के पहिए जाम हो गए। ट्रकों के चालकों ने वाहनों को आगे नहीं बढ़ाया और जहां जगह मिली वहीं रूक कर पीएम की ओर से की गई अपील का पालन करते हुए अस्थाई बसेरा बनाकर भोजन और रहने की व्यवस्था बना ली।
ट्रक चालक रामकुमार ने बताया कि कोरोना वायरस एक-दूसरे के संपर्क में आने से बढ़ रहा है, लेकिन हम लोग ट्रकों को चला रहे हैं इसलिए रुक गए। ट्रक चालक सिकंदर खां ने कहा कि कोरोना वायरस फैलता जा रहा है, बचाव बेहद जरूरी है। घरों में नहीं थे इसलिए रुक कर दूरी बनाने में लग गए।
ट्रक चालक संजीव कुमार ने बताया कि गुड़गांव से शनिवार की रात परचून का सामान लेकर निकले थे। सुबह सात बजे तक चलते रहे, इसके बाद ट्रक को रोक दिया। उधर, चालक योगेंद्र कुमार ने कहा कि ट्रक लेकर लखनऊ के लिए निकलना पड़ा। यहां पर ही भोजन बनाकर खाएंगे और सोएंगे। इसके बाद आगे का सफर तय करेंगे।