एटा। बाईपास निर्माण के दौरान समदपुरा गांव के श्रमिक की करंट लगने से मौत के बाद मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बाईपास गांव के पास ही धरना दिया। इससे निर्माणकार्य पूरी तरह से ठप रहा। महिलाओं ने बाईपास पर कंडे थापना शुरू कर दिया। ग्रामीण मजदूर के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे। वहीं कार्यदाई संस्था पीएनसी ने मुआवजा देने से पल्ला झाड़ लिया है।
सकीट ब्लॉक के गांव समदपुरा निवासी श्रमिक खुशीराम बाईपास निर्माण के लिए गांव के पास ही कार्म करता था। शनिवार सुबह जब लेवलिंग की नाप-जोख कर रहा था, तभी उसकी मशीन हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी के चलते उसके परिजनों ने मुआवजे के लिए ग्रामीणों के साथ बाईपास का निमार्ण बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कंपनी मुआवजा नहीं देगी तह तक कान नहीं होने दिया जाएगा।
परिजन का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक श्रमिक खुशीराम के दो छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा कुलदीप कक्षा तीन में पढ़ता है वहीं छोटा बेटा कृष्णकांत कक्षा एक में पढ़ता है। खुशीराम जैसे-तैसे मजदूरी करके बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। पिता रामदत्त किसान हैं। मां विमला देवी घर का काम काज करती हैं। उनके पास सिर्फ दो बीघा जमीन है।
मुआवजा न मिलने पर करेंगे बड़ा आंदोलन
श्रमिक के परिजन और ग्रामीणों ने पीएनसी कंपनी को बुधवार तक का समय दिया है। बुधवार तक मुआवजा नहीं मिलता है तो बड़ा आंदोलन करेंगे। साथ ही बाईपास पर निर्माण कार्य भी नहीं करने देंगे।
बातचीत
बाईपास पर हमारे गांव के श्रमिक की मौत हुई है। श्रमिक के परिजनों को जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा बाईपास पर काम नहीं होनें देंगे।
-रामसेवक पहलवान, समदपुरा
हम अपने बेटे के न्याय के लिए आवाज उठा रहे हैं। मुआवजा नहीं मिलने तक काम नहीं होने देंगे। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं, कैसे पालन होगा।
- रामदत्त, समदपुरा
जब तक हमारे भाई को न्याय नहीं मिलेगा, बाईपास पर कार्य नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए हमें यहां कितने दिनों तक ही आंदोलन करना पड़े।
- प्रेमवती, समदपुरा
मृतक श्रमिक के परिजनों को जब तक मुआवजा नहीं मिलता तब तक बाईपास का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे, अधिकारी समस्या का समाधान कराएं।
विमलेश, समदपुरा
दिलाया जाएगा मुआवजा-
श्रमिक खुशीराम के परिजनों को बुधवार तक मुआवजा दिलाने की कोशिश की जा रही है। मुआवजा मिलने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत होगा तो बाईपास के निर्माण कार्य में गति आएगी।
- सत्येंद्र, ठेकेदार, पीएनसी
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कंपनी का कोई सरोकार नहीं-
- श्रमिक पीएनसी कंपनी का नहीं बल्कि ठेकेदार का था, ऐसे में ठेकेदार ही उसे मुजावजा देगा, कंपनी का इससे कोई सरोकार नहीं है। कंपनी की जिम्मेदारी नहीं बनती।
मनोज शर्मा, एडमिन मैनेजर, पीएनसी
हाईवे वाईपास पर रोके गए निर्माण कार्य के बाद थापे गए कंडे- संवाद- फोटो : ETAH
हाईवे वाईपास पर रोके गए निर्माण कार्य के बाद वाई पास पर बैठे ग्रामीण- संवाद- फोटो : ETAH