उसकी आंखों में विवाह को लेकर तमाम सपने सजे थे। तीन मार्च को बारात आनी थी, घर में सभी तैयारियां हो चुकी थीं। लेकिन दो दिन पूर्व ही ससुरालीजनों ने बारात न लाने का फरमान भेज दिया। यह फरमान महज अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने के कारण दिया गया। मामले की तहरीर सहावर पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने अभी कार्रवाई नहीं की है।
सहावर के गांव हसनपुर निवासी शाकिर खां ने अपनी पुत्री की शादी रइयान खां पुत्र खलील अहमद निवासी ग्राम बड़ा कोटरा के साथ तय की थी। 12 फरवरी को दोनों की मंगनी हुई। मंगनी के समय लड़की के परिवारीजनों ने दो लाख रुपए नगद, सोने की जंजीर अंगूठी, कपड़े परिवारीजनों को दिए। शादी की तारीख तीन मार्च को तय की गई। तयशुदा तारीख पर निकाह संपन्न कराने के लिए शाकिर खंा ने सभी तैयारियां कर ली थी।
बारात से दो दिन पूर्व एक मार्च को रइयान के परिवारीजनों ने शादी से इंकार कर दिया। शाकिर अपने परिचितों के साथ उनके घर गया और शादी करने को बातचीत की। इस दौरान लड़के के परिवारीजनों ने बुलट मोटरसाइकिल, भैंस और एक लाख रुपये की मांग की। यह मांग पूरी करने को शाकिर तैयार नहीं हुआ तो उन्होंने बारात लाने से इंकार कर दिया। बात न बनने पर बारात नहीं आई और लड़की के दुल्हन बनने के सपने चूर चूर हो गए। मामले की जानकारी शाकिर ने सहावर पुलिस को दी। उसने ससुरालीजनों के खिलाफ तहरीर भी दी है, लेकिन पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है।