एटा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। यहां बंदियों की समस्याएं सुनीं और जरूरतमंद को निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सिविल जज (सीडी) व प्रभारी सचिव कामायनी दुबे ने महिला बैरक और कारागार चिकित्सालय का निरीक्षण किया। बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। पूछा कि उनके पास अधिवक्ता है या नहीं। जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क विधिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया।
जेल अधीक्षक अंकेक्षिता श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि प्रत्येक बंदी से अधिवक्ता से जानकारी लेकर जिनके पास वकील नहीं है। डिप्टी जेलर शशिकला वर्मा, कारागार चिकित्साधिकारी डॉ. उत्सव जैन सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।