एटा। जिले के पांच केंद्रों पर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानाचार्यों ने दो दिन मूल्यांकन का विरोध किया। वहीं तीसरे दिन डीआईओएस डॉ. इंद्रजीत सिंह ने प्रधानाचार्यों को बराबर पारिश्रमिक देने के लिए आश्वासन दिया। इसके बाद प्रधानाचार्य मूल्यांकन करने के लिए पहुंचे।शुक्रवार को डीआईओएस ने पांचों केंद्रों का भ्रमण कर अंकेक्षण कार्य शुरू कराया। उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कालेज सहित अन्य मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण किया। उन्होंने अंकेक्षक बनाये गए प्रधानाचार्यों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया। सभी को आश्वस्त किया कि पारिश्रमिक बढ़ाए जाने के मामले में कहा कि बोर्ड से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। उनका अनुपालन कराया जाएगा। पारिश्रमिक बढ़ाने को लेकर जिला स्तर से कुछ भी नहीं हो सकता। इस संबंध में बोर्ड से ही दिशा-निर्देश जारी होंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी अंकेक्षण कार्य का पारिश्रमिक एक रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका दिया जाता रहा है। इस बार बोर्ड से अंकेक्षण कार्य के लिए प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी है। जिन्होंने पारिश्रमिक को अपने सम्मान से जोड़ रखा है। जिसको लेकर वह नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। डीआईओएस ने बताया कि शुक्रवार को 31,616 हाईस्कूल-इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ है। इसमें हाईस्कूल की 19,027, इंटरमीडिएट की 12589 उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं।