एटा। जिले में आलू का रकबा करीब 7200 हेक्टेयर रहा है। आलू की पैदावार अच्छी होने से किसान खुश हैं और भंडारण शीतगृहों में कर रहे हैं। इस बीच दो शीतगृह ऐसे भी हैं, जिनका नवीनीकरण अधूरे दस्तावेज होने के चलते नहीं हो पाया है। जबकि इनमें आलू का भंडारण लगातार किया जा रहा है। आलू भंडारण के लिए जिले में 20 शीतगृह संचालित हैं। एटा के साथ ही फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद के किसान भी इनका लाभ उठाते हैं। इस बार किसानों ने पैदावार अच्छी होने के साथ ही बेहतर भाव मिलने पर खेत से व्यापारियों को आलू की बिक्री कर दी है। शीतगृहों में अपेक्षाकृत कम ही भंडारण हुआ है, इसको लेकर संचालकों में बेचैनी पहले से ही बनी हुई है। वहीं दो शीतगृह ऐसे भी हैं, इनका अभी तक नवीनीकरण अधूरे दस्तावेज होने के चलते नहीं हो सका है।
लेकिन भंडारण का मौका हाथ से नहीं निकलने के इरादे से संचालकों ने आलू को स्टोर कर लिया है। उद्यान निरीक्षक एवं शीतगृह प्रभारी रवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दो शीतगृह के कुछ दस्तावेज अधूरे होने के चलते नवीनीकरण नहीं हो सका है। इनको जल्द दस्तावेज पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए भंडारण किया जा रहा है। नवीनीकरण जल्द होने की संभावना है।