शनिवार को कस्बे के सराफा कारोबारी रमा वर्मा की दिनदहाड़े बदमाशों ने गोली मारकर हत्याकर पांच लाख रुपये के जेवर लूट लिए। इस पर गंजडुडवारा के कारोबारियों में दूसरे दिन भी आक्रोश बरकरार रहा। आक्रोशित कारोबारियों ने पोस्टमार्टम के बाद शव कस्बे में आने पर राजाराम चौराहे पर फिर से जाम लगा दिया। कारोबारियों ने बदमाशों की गिरफ्तारी माल बरामदगी, कारोबारियों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
रविवार को शव आने की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में कारोबारी राजाराम चौराहे पर एकत्रित हो गए। आसपास के इलाके की सारी दुकानें बंद थी। सराफा कारोबारियों ने भी अपने बाजार बंद रखे। सभी कारोबारी चौराहे पर एकत्रित थे और घटना पर आक्रोश जताने लगे। मौके पर पहुंचे सीओ और एसडीएम ने कारोबारियों को समझाने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने डीएम, एसपी को मौके पर बुलाने की बात की। कारोबारियों के आक्रोश की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियान, एसपी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कारोबारियों के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि वह पांच लाख 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जिलास्तर से उपलब्ध कराएंगे। शेष 15 लाख की सहायता को शासन को पत्र भेजकर संस्तुति प्रेषित की जाएगी। जिलाधिकारी के समक्ष परिवारीजनों ने सरकारी नौकरी, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस आदि की भी मांग उठाई। जिलाधिकारी ने हर स्तर पर सहयोग का परिजनों को भरोसा दिलाया। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बदमाशों की गिरफ्तारी के संबंध में की गई कोशिशों की जानकारी देते हुए घटना के खुलासे और बदमाशों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया। कस्बे में बाजार बंदी रहने और आक्रोश की स्थिति के चलते तनाव के हालात बने रहे। तनाव की स्थिति को देखते हुए जनपद के विभिन्न थानों के पुलिस फोर्स तैनाती रही। सराफा ऐसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, राजवीर सिंह, अवनीश अग्रवाल ने जिलाधिकारी को मांगों के संबंध में ज्ञापन भी सौंपा और बात की। दूसरे गुट के जिलाध्यक्ष अनिरूद्ध पल्तानी, दीपक गुप्ता, राजेन्द्र गुप्ता ने भी जिलाधिकारी के समक्ष मुआवजे आदि की मांग उठाई। गंजडुडवारा सराफा एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष आनंद वर्मा, सुजीत वर्मा, शिवकुमार वर्मा, जगदीश मोहन, गौरव शाक्य ने अन्य कमेटी के लोगों के साथ डीएम एसपी से वार्ता की। इसके बाद जाम खुल सका और परिवारीजन शव अंतिम संस्कार के लिए शव ले गए।