एटा। एक ओर सरकार पूरे देश में स्वच्छता को लेकर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर एटा पालिका परिषद ने शहर को जलते कूड़े के ढेर पास खड़ा कर दिया है। यहां कूड़ा उठाया नहीं जलाया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को पलीता लगाने के साथ पालिका लोगों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है। यहां 11 बजे तक सड़कों से कूड़ा नहीं उठता। ऐसे में लोगों की दिक्कत बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल, शिकोहाबाद चौराहा, आगरा रोड, रेलवे रोड, कचहरी रोड, निधौली रोड आदि खत्ताघरों के कूड़े से दुर्गंध आती है। इससे लोगों का जीना मुहाल हो रहा है।
कर्मचारी जला रहे कूड़ा, फैल रहा प्रदूषण
जीटी रोड पर पालिका के सफाई कर्मचारियों की कारगुजारी देखने को मिली। कूड़ा उठाने की बजाय कर्मचारियों ने कूड़े में आग लगा दी। आग लगने से उठे धुएं से पर्यावरण प्रदूषण तो हुआ। साथ ही लोगों को भी दिक्कत झेलनी पड़ी। वहीं धुआं अस्पताल में जा रहा था।
रेलवे रोड पर कर्मचारियों और अफसरों को नहीं दिखाई देते कूड़े के ढेर
रेलवे रोड पर ट्रांसफार्मर के पास कूड़े का ढेर लगा रहता है। यहां से सांसद सहित पालिका के अधिकारी-कर्मचारी गुजरते हैं, लेकिन किसी को भी कूड़ा उठवाने की सुध नहीं आई। इस दौरान यहां सांसद राजवीर सिंह राजू भैया सहित अन्य भाजपा नेता मास्क बांटते हुए निकले हैं।
फेल हो रहा सरकार के स्वच्छता अभियान का नारा
आगरा रोड पर भी कूड़े का ढेर स्वच्छता अभियान की हकीकत को बयां कर रहा है। जानवर कूड़े के ढेर को चारों ओर बिखेर रहे थे। मगर पालिका को कूड़ा उठवाने की सुध नहीं ली। यहां मुख्य मार्ग होने के कारण अधिकारियों का निकलना होता है, वहीं उनके आवास भी बने हैं।
कहते हैं आंकड़े
-25 वार्ड हैं शहर में
-48 टन कूड़ा रोज निकलता शहर में
-424 सफाईकर्मी हैं नगर पालिका में
-01 एक लाख रुपये रोज का खर्च
कोट
शहर से प्रतिदिन 48 टन कूड़ा निकलता है। सफाई कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन कूड़ा उठाया जाता है। किसी भी कर्मचारी द्वारा कूड़े में आग नहीं लगाई जाती है। जिस जगह से लेट कूड़ा उठने की शिकायत है, वहां से जल्दी कूड़ा उठवाया जाएगा।
-डॉ. दीप वार्ष्णेय, ईओ