उड़ती धूल से गुजरती गाड़ी ।संवाद
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एटा। शहर में कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं, इनमें जीटी रोड, बाईपास और ओवरब्रिज सहित रेलवे ट्रैक का मलावन तक विस्तारीकरण, नहरों का पक्कीकरण, शहर में सीवरेज का कार्य और मलावन में विद्युुत परियोजना का निर्माण चल रहा है। इसकी वजह से वायु प्रदूषण बढ़ा है। मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 205 रहा।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन आंखों में जलन के 50 से 60 मरीज आते हैं। जिला अस्पताल के डॉ. चेतन चौहान का कहना है कि धूल उड़ने से अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। धूल के कण अंदर चले जाते हैं। जिससे परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि अगर घर से बाहर निकलना है तो मास्क लगाकर निकलें।
जलन होने पर साफ पानी से धोएं आंखें
वरिष्ठ नेत्र परीक्षण अधिकारी सोहन लाल शर्मा का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण से पराबैगनी किरण निकलती हैं जो किसी वायु प्रदूषण से कम नहीं हैं। इससे बचने के लिए लोगों को लैंस या चश्मे का प्रयोग करना चाहिए, वहीं आंखों में जलन होने पर साफ पानी से उसको साफ करना चाहिए।
हर साल दीपावली पर बढ़ता है प्रदूषण
दीपावली के त्योहार पर हर साल प्रदूषण कई गुना तक बढ़ जाता है। इस साल दीपावली की रात को एक्यूआई ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। दीपावली की रात 12 बजे 250 से बढ़कर 400 तक पहुंच गया था। जिससे सुबह लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत हुई थी।