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किसानों के प्रदर्शन पर पुलिस का पहरा

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एटा। किसान संगठनों के प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। किसानों ने कलक्ट्रेट पर काले झंडे लगाकर और ज्ञापन देकर सांकेतिक विरोध जताया। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसान संगठनों ने बुधवार को देश भर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। जिसे लेकर सुबह से ही पुलिस अलर्ट मोड़ में थी। जगह-जगह पुलिस की गश्त कराई जा रही थी। वहीं कलक्ट्रेट को छावनी का रूप दे दिया गया। यहां धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने काले झंडे लगाकर और हाथों में काली पट्टी बांधकर धरना दिया।
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मास्क और सामाजिक दूरी का पालन भी किया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर अबुल कलाम को सौंपा। जिसमें राष्ट्रीय किसान आयोग के गठन, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर 50 प्रतिशत छूट, कृषि यंत्रों पर जीएसटी माफ करने की मांग की। वहीं सांसद-विधायकों की संख्या कम करने और उनकी पेंशन समाप्त करने की भी मांग रखी। इस दौरान जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र सिंह यादव, राजेंद्र सिंह, मुन्नालाल, नौबत सिंह आदि मौजूद रहे।
नजरबंद करने का लगाया आरोप
भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आदर्श मिश्रा और प्रदेश युवा मोर्चा के अध्यक्ष शरद चौहान ने प्रशासन द्वारा उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाद में दबाव में आकर एसडीएम सदर व पुलिस अधिकारी उनसे मिलने आए। जहां अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। इस दौरान हरेंद्र मोहर सारस्वत, पुष्पेंद्र सिंह, सोनू चतुर्वेदी, गोपाल शर्मा, सोनू गुप्ता, अजब सिंह, राजवीर सिंह, दिनेश राजपूत, संजू यादव, श्यामपाल, चंद्रेश सिंह, राहुल सिंह आदि मौजूद रहे।
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आम आदमी पार्टी ने भी दिया ज्ञापन
आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया। जिसमें तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग रखी। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार वर्मा, प्रताप सिंह, रामदास आदि मौजूद रहे।
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