एटा। शहर में एक किशोरी पर तेजाब से हमले की रिपोर्ट दर्ज करने के दो दिन बाद ही पुलिस ने इसे नकार दिया। पुलिस के मुताबिक तेजाब से हमला नहीं हुआ। दुर्घटना में चोट आने पर किशोरी की मां ने फर्जी रिपोर्ट लिखा दी थी। रविवार को एसएसपी उदय शंकर सिंह ने पुलिस लाइन में बताया कि 24 जून को कोतवाली नगर में किशोरी की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें दो युवकों पर अपहरण के प्रयास और विरोध पर तेजाब डालने का आरोप लगाया गया।
शनिवार को एक नामजद आरोपी को जेल भेज दिया गया। विवेचना में सामने आया है कि 23 जून की रात पीड़िता स्कूटी चला रही थी और पीछे मारहरा दरवाजा निवासी उसका मित्र जीशान बैठा था। स्कूटी फिसलकर गिरी और दोनों के चोटें आईं। यह हादसा अरुणानगर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। जीशान को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बताया कि किशोरी से उसकी दो वर्ष से दोस्ती है। स्कूटी फिसलने से किशोरी के चेहरे, दोनों कोहनी, कलाई व घुटने में जमीन पर रगड़ने से चोटें आईं। किशोरी मार्केट स्थित एक चिकित्सक के क्लीनिक पर इलाज के लिए पहुंची थी।
जेल भेजे गए युवक का किशोरी के घर आना-जाना था। इसको लेकर जीशान के मन में उसके प्रति बैर था। उसे फंसाने और घर वालों से सही हादसे की बात छुपाने के लिए तेजाब से हमले की कहानी जीशान ने रची। एसएसपी ने बताया कि जीशान को जेल भेजा जा रहा है। वहीं एफआईआर में नामजद किए गए युवक को जेल से रिहा कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा।