गुजरात के बनासकाठा जिले के डीसा में 1 अप्रैल को पटाखा फैक्टरी में भयानक विस्फोट हुआ था। इसमें 22 लोगों की जान गई थी। मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब फैक्टरी के तार एटा के कस्बा जलेसर से भी जुड़ गए हैं। यहां के दो कारखानों से पटाखा फैक्टरी को भारी मात्रा में सामग्री भेजी गई थी। जिसका इस्तेमाल आतिशबाजी बनाने में किया जाता था। मंगलवार को गुजरात से आई पुलिस टीम ने दोनों कारखाना मालिकों से पूछताछ की।
गुजरात हादसे के बाद वहां की पुलिस, एसआईटी तमाम बिंदुओं पर जांच में जुटी है। इसमें जलेसर के मोहल्ला किला स्थित श्रीनिवास इंटरप्राइजेज और कमलेश ट्रेडर्स से तार जुड़े मिले हैं। इन कारखानों से डीसा की फैक्टरी को लगातार कलमी सोडा (पोटेशियम नाइट्रेट) और सल्फर (गंधक) भेजा गया था। हालांकि इन रसायनों का प्रयोग अन्य उद्योगों में किया जाता है लेकिन आतिशबाजी बनाने में भी इनको खपाया जाता है।
पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि पटाखा फैक्टरी अवैध रूप से चलाई जा रही थी, फिर यहां से माल किस आधार पर भेजा गया? टीम का नेतृत्व कर रहे एसआई पीएल आयूब ने बताया कि दोनों कारखाना मालिकों के बयान दर्ज किए गए हैं। कौन लोग सामान मंगाते थे और कौन यहां आए, इस सबकी जानकारी विस्तार से की जाएगी।
कमलेश ट्रेडर्स अमित अग्रवाल ने बताया कि हमारे यहां से माल जाता रहा है, जो जीएसटी पर भेजा गया है। अब उसे किस उत्पादन में प्रयोग किया जा रहा है, यह हमें नहीं पता। यह सोडा खाद्य पदार्थ के प्रयोग में आता है, विस्फोटक नहीं है। श्रीनिवास एंटरप्राइजेज के नितिन अग्रवाल ने बताया कि कांच उद्योग और पूजा धूपबत्ती में हमारे यहां से जाने वाला माल प्रयोग किया जाता है। यह माल विस्फोटक नहीं है। वैध तरीके से इसे भेजा गया।