एटा। जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के सचिव के साथ अभद्रता और गाली गलौज करने वाले अध्यक्ष के खिलाफ रविवार को तहरीर दी गई थी। शिकायत को चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने जांच के नाम पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पुलिस कार्रवाई नहीं होने के पीछे सत्ता पक्ष का असर देखा जा रहा है। आरोप है भाजपाई अध्यक्ष को बचाने में जुटे हुए हैं।
डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक (डीसीबी) के सचिव विनय चौधरी ने कार और जेनरेटर के डीजल में होने वाले घपले को पकड़ा था। इस घपले में डीसीबी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह की संलिप्तता उजागर हुई तो वार्ता की गई। इसको लेकर अध्यक्ष भड़क गए और सचिव के मकान में ताला डाल दिया और सरकारी कार की चाबी छीन ली थी। सचिव ने अध्यक्ष भूपेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। सचिव विनय पचौरी की तहरीर कोतवाली नगर पहुंच गई लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। सचिव ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष के खिलाफ सत्ता पक्ष के दबाव में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है जबकि उच्चाधिकारियों को पूरा मामला संज्ञान में पहुंचाया जा चुका है।
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जिला सहकारी बैंक के सचिव की ओर से एसएसपी को दिया गया शिकायती पत्र मिला है। इसकी जांच प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर से कराई जा रही है। जांच होने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।
संजय कुमार, एएसपी
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विरोधियों की है साजिश
डीसीबी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि सचिव विरोधियों से मिले हुए हैं और उन्हें साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। सचिव के साथ किसी भी तरह की अभद्रता नहीं की गई है। बैंक को आगे ले जाने का काम कर रहा हूं। मामले की जानकारी सहकारिता मंत्री और निदेशक को भी दी गई है। मंत्री के निर्देश पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।