एटा। शहर के पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौराहे से पुलिस ने 24 अगस्त 2023 को विवाह करने आए एक जोड़े को पकड़ कर परिजन के सुपुर्द कर दिया था। अब उनके सही समय पर विवाह कराए जाने की अदालत में आख्या पुलिस की ओर से पेश कर दी। इसमें कहा कि लड़की के परिजन विवाह को कराने को रजामंद हो गए। ऐसे में अब अदालत ने सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख मुकर्रिर कर दी है।
मिरहची थाने के गांव नगला नारायण निवासी खेतपाल के बेटे शिवम से शादी करने के लिए जलेसर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती 24 अगस्त को एटा आई। पुलिस ने दोनों को पकड़ कर जलेसर कोतवाली को सूचना दी। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ले गई। जहां शाम को हुए समझौते में आपस में विवाह करने पर सहमति बनने के हस्ताक्षर होने पर बेटी की शादी की तैयारियों के लिए माता पिता के हवाले कर दिया गया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर की अदालत में पेश हुई अर्जी में खेतपाल का कहना है कि जब से लड़की अपने मायके वालों के कब्जे में आई है, तब से उन लोगों ने उस पर अत्याचार शुरू कर दिए है। उसे अवैध रूप से बंधक बनाए रखा गया है, भूखा प्यासा रखा जा रहा है, मोबाइल आदि सब छीन लिए है। जैसे तैसे उसने अपने साथ हो रही अमानवीय यातनाओं की जानकारी देते हुए उससे बेटे से मदद मांगी। अपनी होने वाली पुत्रवधू के जीवन को बचाने और उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने की खेतपाल ने अदालत से गुहार की।
जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर मंगलदेव सिंह ने जलेसर कोतवाली पुलिस से आख्या तलब की, सोमवार को पेश हुई पुलिस आख्या में उपनिरीक्षक मुन्ना लाल ने बताया कि लड़की के माता पिता और परिजन इस विवाह के लिए सहमत है। सही समय पर जल्द विवाह करा दिया जाएगा।