संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिऐशन के तत्वावधान में फार्मासिस्टों का आंदोलन मंगलवार से शुरू हो गया। पहले दिन उन्होंने काली पट्टी बांधकर काम किया। स्थानांतरण नीति सहित अन्य समस्याओं को लेकर सरकार का विरोध जताया।
जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सुमन ने बताया कि जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाकर बिना पद के एकतरफा कार्यमुक्त किया जा रहा है। कर्मचारियों को न तैनाती मिलती है और न वेतन। इससे जनहित के कार्य भी प्रभावित हाेते हैं। कहा कि तमाम कर्मचारियों के स्थानांतरण नीति के विपरीत स्थानांतरण कर दिए गए हैं। पिछले वर्ष के स्थानांतरण के बाद आज तक स्थानांतरण यात्रा भत्ता नहीं दिया गया है।
संयुक्त मंत्री अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें विभाग स्तर पर लंबित चल रही हैं। लेकिन दो वर्षों में विभाग के किसी भी संगठन से शासन व महानिदेशालय स्तर पर वार्ता नहीं की गई है। बताया कि 23 जून तक काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जबकि 24 जून से सुबह 8 से 10 तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। पुष्पेंद्र सिंह, हसनुद्दीन, उमेश बाबू, प्रमोद यादव, हरीशंकर फार्मासिस्ट आंदोलन में शामिल रहे।