वार्षिक परीक्षा दिलाने ड्यूटी पर नहीं पहुंचे शिक्षक
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परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से अव्यवस्थाओं के साथ वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं। पहले दिन ही कई स्कूलों में प्रश्नपत्र कम पड़ गए तो एक पर ही दो छात्रों ने परीक्षा दी। अवागढ़ में एनपीआरसी अपने घर से स्कूलों के लिए प्रश्नपत्र वितरित करते दिखे। मिरहची में शिक्षकों को तोलकर पेपर बांटे।
मिरहची प्राथमिक विद्यालय के अलावा जिन्हैरा, जारथल में पंजीकृत छात्र संख्या के मुकाबले कम प्रश्नपत्र पहुंचने की शिकायत मिली। प्राथमिक विद्यालय जारथल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद नाजिम ने बताया कि बंडल में प्रश्नपत्र कम निकलने पर एक प्रश्न पत्र से दो छात्रों को परीक्षा दिलवानी पड़ी। अन्य स्कूल के अध्यापकों को जारथल में कक्ष निरीक्षक बनाया लेकिन कक्ष निरीक्षक उपस्थित नहीं हुए। इसके चलते दो अध्यापकों ने परीक्षा दिलाई। जैथरा के माध्यमिक विद्यालय जूनियर हाईस्कूल द्वितीय और प्राइमरी पाठशाला में सात छात्र ही परीक्षा देने आए। अवागढ़ में सोमवार को 20 प्रतिशत से अधिक छात्र अनुपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय अवागढ़ में 337 पंजीकृत छात्रों में से 67 अनुपस्थित रहे।
प्रधानाध्यापक ललित जादौन ने बताया कि छात्रों की इतनी उपस्थिति के लिए शिक्षकों को छात्रों के घर जाना पड़ा। प्रश्नपत्रों का वितरण परीक्षा से एक घंटा पूर्व एनपीआरसी केंद्र खुशरई पर न होकर बरई कल्यानपुर न्याय पंचायत में तैनात एनपीआरसी ने मोहल्ला रायान स्थित आवास से किए। यही हाल जलेसर, मारहरा, अलीगंज, निधौलीकलां और शीतल ब्लॉक क्षेत्र में दिखाई दिए।
परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के पहले दिन करीब 80 प्रतिशत उपस्थिति रही। घर से प्रश्नपत्र वितरण के अलावा तोलकर प्रश्नपत्र देने की सूचना नहीं मिली है। यदि शिकायत आई तो दोषियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- शौकीन सिंह यादव, बीएसए
घर से नहीं लानी पड़ीं उत्तर पुस्तिकाएं
कासगंज। बेसिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई। पहली पारी में सुबह 10 -12 और दूसरी पाली में दोपहर एक से तीन बजे तक परीक्षाएं संपन्न हुई। बीएसए दीवान सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इस बार सील बंद प्रश्नपत्र विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए। उत्तर पुस्तिकाएं भी परीक्षार्थियों को दी गई हैं।