फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहीद दरोगा को अंतिम विदाई देने को उमड़े लोग

Thu, 23 Jun 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
विज्ञापन
शहीद दरोगा को अंतिम विदाई देने को उमड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बुधवार रात बदमाशों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा सर्वेश यादव (42) का शव गुरुवार को उनके पैतृक गांव आहार मई, निधौलीकलां पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी, मां, भाई, बहन और बच्चों को संभालना मुश्किल हो गया। इन्हें बिलखता देख वहां मौजूद ग्रामीणों और अफसरों की आंखें भी नम हो गईं। डीएम अजय कुमार यादव, एसएसपी अजय शंकर राय समेत कई अफसरों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, हजारों की संख्या ग्रामीण शहीद दरोगा को श्रद्धांजलि देने आहार मई पहुंचे।
विज्ञापन

शहीद एसआई सर्वेश यादव की शहादत की खबर सुनकर पूरे गांव में शोक की  लहर दौड़ गई। आलम यह था कि गांव में किसी भी घर में गुरुवार को चूल्हा नहीं जला। आहार मई गांव निवासी सर्वेश यादव 1995 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। पिता गया सिंह यादव ने बताया कि सर्वेश कई साल तक गाजियाबाद में तैनात रहे और अपने परिवार को वहीं शिफ्ट कर लिया था। दो माह पूर्व ही पदोन्नति पाकर एसआई बने सर्वेश औरैया से ट्रांसफर होकर बदायूं आए थे। इनका एक भाई वीरपाल पीएसी में और दूसरे राजेश शिक्षक थे। दोनों की पहले ही बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। तीन बेटे खोने वाले गया सिंह के परिवार में अब दो बेटे अवधेश और उमेश बचे हैं। पिता ने बताया कि 12-13 जून को सर्वेश उनसे मिलने आया था। संतोष की मौत की खबर से उनकी पत्नी सुनीता, बेटे निशांक (12), कृष्ण (09), बेटी दीक्षा (05) दोनों भाई, पिता गया सिंह यादव और मां माखनश्री को संभालना मुश्किल हो रहा था। पत्नी बार बार गश खाकर बेहोश हो रही थी तो मां सुध बुध खो बैठी थी।  सर्वेश यादव के पार्थिव शरीर को डीएम अजय यादव, एसएसपी अजय शंकर राय, सीडीओ राजेंद्र कुमार, एडिशनल एसपी ने पुष्प चक्र अर्पित किए, पुलिस गारद ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी। शव को मुखाग्नि भाई अवधेश ने दी। इस मौके पर विधायक अमित गौरव यादव, जिपंचायत सदस्य शशंाक यादव, बसपा नेता रंजीत यादव, सदर विधायक अशीष यादव, देवेंद्र यादव उर्फ बंटी, समाजसेवी मेधाव्रत शास्त्री, अनिल यादव पलिया, सुभाष यादव समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
---------
पिता बोले, पुलिसकर्मियों की हत्याएं रोके सरकार
बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा सर्वेश यादव के पिता ने सरकार से पुलिसकर्मियों की हत्याओं की बढ़ती घटनाओं को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि जवाहर बाग समेत कई स्थानों पर बेकसूर पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों की हत्या हो रही है। राज्य सरकार को इन घटनाओं पर लगाम लगानी चाहिए।
विज्ञापन

-------------------
पचास लाख और नौकरी का आश्वासन
डीएम अजय कुमार यादव ने बताया कि शहीद सर्वेश यादव के परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पत्नी को असाधारण पेंशन मिलेगी। डीएम ने बताया कि जिला पुलिस और प्रशासन शहीद के परिवार को एक दिन का वेतन स्वेच्छा से देगी। डीएम ने कहा कि शहीद के पिता ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बुलाने की मांग रखी थी। उनकी मांग सरकार तक पहुंचा दी गई है।
-----------------
विधायक की मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद की घोषणा
जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को बीस लाख देने की बात कही थी, लेकिन पिता के सीएम को बुलाने और भाई की एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता की मांग पर मारहरा के सपा विधायक अमित गौरव ने मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता की। इसके बाद डीएम अजय यादव और एसएसपी अजय शंकर राय ने परिवार को पचास लाख रुपये आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की।

बदायूं में बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा सर्वेश कुमार यादव के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाया है। पुलिस लाइंस में सलामी के बाद जैसे ही आईजी ने सांत्वना दी वैसे ही घर वाले फट पड़े। एसओ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक सिपाही के साथ वो भी बिना वर्दी के टीम को बदमाशों को पकड़ने भेजने की क्या जरूरत थी। सर्वेश को मुठभेड़ के लिए भेजकर मरवा दिया। भाइयों ने कहा कि सर्वेश की मौत की जिम्मेदारी अफसरों की भी है। उन्होंने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए।

बिनावर थाना क्षेत्र के घटबहेटी गांव के पास मुठभेड़ में सर्वेश के शहीद होने की सूचना मिलने पर उनके छोटे भाई अवधेश कुमार यादव, उमेश यादव और कन्नौज के दरोगा दोस्त सत्यदेव सिंह यादव समेत कई लोग बुधवार को देर रात ही बरेली पहुंच गए। बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया। यहां आईजी विजय सिंह मीना, डीआईजी आशुतोष कुमार, एसएसपी आरके भारद्वाज के  अलावा एसएसपी बदायूं समेत तमाम अफसर पहुंचे। दरोगा को शोक सलामी के साथ विदाई दी गई। सलामी के बाद आईजी जैसे ही परिवार वालों को सांत्वना देने लगे, उन्होंने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। दरोगा के भाई अवधेश कुमार यादव मथुरा में पुलिस विभाग में चालक हैं। उन्होंने कहा कि एसओ की नादानी से उनका भाई मारा गया है। दो पुलिस कर्मियों की टीम कौन बनाता है। उसी ने उनके भाई को मौत के मुंह में भेजा। छोटा भाई उमेश आईटीबीपी में दिल्ली में तैनात हैं। उमेश ने भी अपने भाई की मौत पर सवाल खड़े करते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग करी। सर्वेश के दोस्त दरोगा सत्यदेव यादव ने कहा कि इस तरह मुठभेड़ कहीं होती है। एक सिपाही को दरोगा के साथ सादे कपड़ों में भेजा ही नहीं जाना चाहिए था। ऐसा भी नहीं था कि कोई बहुत बड़ी लूट हो गई थी। सफेद रंग की बाइक पर बदमाशों के घूमने की सूचना मिलने पर बिना वर्दी में फोर्स को भेजने की जल्दी क्यों की गई। एसओ ललित मोहन के फैसले की वजह से सर्वेश की जान गई है। आईजी विजय सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इस मामले की सीओ स्तर से जांच करा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें