एटा। दो सवारी गाड़ियों के सहारे यहां के लोगों को बहलाया जा रहा है। रेलवे स्टेशन माल गाड़ियों के लिए ही बनकर रह गया है। दिन में दो बार सवारी गाड़ी आती है, उसका भी समय प्रबंधन ठीक नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग रेल सेवा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वर्तमान में चल रहीं ट्रेनों के साथ ही नई ट्रेन चलाने पर सबकी निगाहें टिकी हैं। चुनावी वर्ष होने के कारण जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से आस है कि इस बार के बजट में रेल विस्तार के लिए धन मिलेगा। लोगों को एटा से कासगंज तक रेल लाइन को जोड़े जाने का भी विश्वास है।
जिले की जनता की मांग है कि एटा से जयपुर व दिल्ली के लिए प्रतिदिन एक शटल ट्रेन संचालित की जाए। कई बार रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया है। इसके अलावा सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने भी कई बार रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और रेल लाइन को कासगंज तक जोड़ने की मांग की है। राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया है।
विद्युतीकरण से बढ़ी नई ट्रेन चलने की उम्मीद
लोगों का कहना है कि अब तो बरहन से एटा रेलवे स्टेशन तक विद्युतीकरण भी हो चुका है। जिसके कारण जनता को उम्मीद है कि यहां से प्रतिदिन एक ईएमयू व शटल जल्द ही चलेगी। शहरवासी भगवानदास का कहना है कि इस प्रकार अगर एक ट्रेन प्रतिदिन चले तो हर वर्ग को लाभ होगा। व्यापारियों को दिल्ली व जयपुर से सामान लाने में आसानी होगी। आम आदमी पर किराए का बोझ कम पड़ेगा।
रेल विस्तार का दशकों से इंतजार
जिले के लोगों को रेल विस्तार का दशकों से इंतजार है। अब आखिरी उम्मीद है कि इस बार जिले को कासगंज से जोड़ने के लिए बजट मिल जाए। क्योंकि दोनों जगह भाजपा की ही सरकार है। - सोमेश पचौरी, भगीपुर
काफी समय से जिले के लोग रेल विस्तार का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही जनता की मांग है कि जिले से दिल्ली व जयपुर के लिए प्रतिदिन एक ट्रेन का संचालन किया जाए। जिससे सभी को फायदा होगा। - सौरभ राठौर, शिकोहाबाद रोड