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इस वर्ष मूंगफली की पैदावार कम

Sat, 18 Jul 2015 11:28 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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मानसून के आने से मूंगफली की खोदाई नहीं हो पा रही है। इससे पैदावार प्रभावित हो रही है। मंडी व्यापारियों की मानें तो इस वर्ष मूंगफली की आवक गत वर्ष की तुलना से काफी कम है। मंडी में भाव 43 सौ से 45 सौ रुपये प्रति क्विंटल है।
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जिले में मूंगफली की पैदावार खरीफ की तुलना में जायद में अधिक होती है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो मूंगफली का आच्छादन क्षेत्र जायद में दो हेक्टेयर के आसपास रहता है, वहीं खरीफ में इसका आच्छादन क्षेत्र करीब छह सौ हेक्टेयर रहता है। जायद फसल में मूंगफली की बुवाई फरवरी-मार्च में होती है। फरवरी में बाई जाने वाली फसल जून तक तैयार हो जाती है। जिले में मानसून की दस्तक भी जून के बाद ही होती है। ऐसे में फरवरी में बुवाई करने वाले किसानों को अच्छी पैदावार मिल जाती है, जबकि मार्च में बोई जाने वाली फसल जुलाई तक तैयार हो पाती है। ऐसे में बारिश मूंगफली की पैदावार को प्रभावित कर देती है। कृषि विभाग की मानें तो मूंगफली की औसतन पैदावार जिले में डेढ़ क्विंटल प्रति बीघा रहती है। किसान मास्टर वासदेव करतला सराय, जैथरा के सुनील कुमार और शीतलपुर के अजीत ने बताया कि इस बार मूंगफली की पिछैती फसल में कम पैदावार निकल रही है, लेकिन उनके अनुसार मंडी में भाव ठीक है।
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