एटा। शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कासिमपुर में दूसरे गांव की विवाहित महिला के नाम सरकारी जमीन का पट्टा कर दिया गया। मामला खुला और जांच बैठी तो आवंटन की फाइल ही गायब हो गई।
ग्राम पंचायत के गांव बहादुरगढ़ में 1960 के दशक में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने इस गांव के डोरीलाल की पुत्री चमेली कुवरि के नाम पट्टा आवंटन किया, जबकि चमेली कुवरि की शादी अलीगढ़ में हुई थी। यह जमीन करीब दो बीघा है। इसको बाद में डोरीलाल के पौत्र ओमवीर के नाम दर्ज करा लिया गया। अब सरकारी रिकॉर्ड से इस जमीन के आवंटन की पत्रावली ही गायब हो गई है। 2023 में रजिस्ट्रार कानूनगो ने लिखित रिपोर्ट दी कि इस गांव की कोई आवंटन पत्रावली उपलब्ध नहीं है।
पुत्र और पुत्रवधू के नाम भी हुए पट्टे
डोरीलाल के पुत्र और पुत्रवधू के नाम भी उस समय पट्टे किए गए। पुत्रवधू हेतश्री के नाम वाली जमीन को बाद में बेच दिया गया। मामले में शिकायत होने पर एसडीएम न्यायालय ने इस आवंटन को निरस्त कर दिया। वर्तमान में दीवानी न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है।
शौचालय, पंचायत घर बनाने को जमीन नहीं
एक ओर सरकारी जमीन का आवंटन घर में ही कई सदस्यों को हुआ तो दूसरी ओर हालत यह है कि गांव में शौचालय, पंचायत घर बनाने तक के लिए जमीन नहीं बची है। मौजूदा ग्राम प्रधान सर्वेंद्र सिंह यादव ने डीएम को इस मामले में लिखित शिकायत दी है। कहा है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि न होने के कारण सार्वजनिक शौचालय, पंचायत घर, राशन की दुकान, बरातघर, कॉमन सर्विस सेंटर आदि का निर्माण नहीं हो पा रहा है। फर्जी तरीके से हुए पट्टा आवंटन को निरस्त किया जाए।