पटना पक्षी विहार में स्थित झील।
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एटा। जलेसर तहसील क्षेत्र में स्थित पटना पक्षी विहार के विस्तार के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। 15 हेक्टेयर सरकारी जमीन तलाश की जा रही है। इसके माध्यम से इस पर्यटन स्थल का वैभव बढ़ाया जाएगा।
यह पक्षी विहार 108 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां नवंबर के अंत तक देश और विदेशों के पक्षी काफी संख्या में आते हैं जो फरवरी तक यहां प्रवास करते हैं। पक्षियों को यहां का शांत वातावरण, अनुकूल मौसम काफी भाता है। यहां स्थित झील में उनकी अठखेलियां निहारने और कलरव सुनने के लिए कई जिलों के लोग यहां आते हैं, लेकिन समस्या कम जगह के चलते आती है। एक ओर जहां कम स्थान के चलते पक्षियों को असुविधा होती है। वहीं, प्रशासन इसके विकास के लिए कार्य नहीं करा पा रहा है।
इसे देखते हुए वन विभाग ने 15 हेक्टेयर जमीन की मांग की है। पक्षी विहार के आसपास लगी हुई सरकारी जमीन मांगी गई है। जहां इसका विस्तार के साथ सौंदर्यीकरण किया जा सके। अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि जमीन की तलाश की जा रही है। उपलब्ध होते ही पक्षी विहार के विस्तार पर कार्य किया जाएगा।
प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार
पटना विहार पक्षी विहार की स्थापना 1991 में हुई थी। ये उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार है। इसमें कुल 1 वर्ग किमी का वेटलैंड एरिया (आर्द्र भूमि) है।
आते हैं एक लाख तक पक्षी
पटना विहार पक्षी विहार में विभिन्न प्रजातियों के देश-विदेश के एक लाख तक पक्षी प्रवास पर आते हैं। लेकिन उनके लिए यहां वेटलैंड एरिया छोटा पड़ता है। आसपास के खेतों आदि में काफी पक्षी शरण लेते हैं। वेटलैंड एरिया की वृद्धि हो जाए तो यहां आने वाले पक्षियों की संख्या और बढ़ सकती है।