एटा। नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। पालिका की कार्यप्रणाली से आक्रोशित सभासदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया। वहीं पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों पर अमल नहीं होने पर विरोध जताया। सभासदों ने कर्मचारियों की मनमानी के भी मामले उठाए।
नगर पालिका एटा में बोर्ड बैठक अब तक दो बार हो सकी है, लेकिन हर बार बैठक हंगामे और कोरम पूरा नहीं होने से धरी रह जाती है। सोमवार को पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी ने बोर्ड बैठक बुलाई थी। लेकर सुबह से सभासद पालिका सभागार पहुंचने लगे। अध्यक्षता कर रहीं नगर पालिकाध्यक्ष ने सभी सभासदों से सहयोग का आह्वान किया।
सदन के सामने 65 विकास कार्यों के प्रस्ताव रखे गए। जिसे लेकर सभासद भड़क गए। सभासदों ने पांच नवंबर की बैठक में पारित प्रस्तावों की जानकारी मांगी, तो सदन में सन्नाटा छा गया। बैठक के एजेंडे में पुराने प्रस्तावों को शामिल करने पर आक्रोश जताया। गुस्साए सभासदों ने पालिका की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
करीब 18 सभासद बैठक छोड़कर चले गए। सभासदों के जाते ही बैठक की कार्रवाई बंद कर दी गई। सभासदों का कहना है कि बैठक के नाम पर कोरम पूरा किया जा रहा है, लेकिन शहर के विकास को लेकर कुछ नहीं हो रहा। सभासदों ने पुराने प्रस्तावों को हटाने और पिछली बैठक की कार्रवाई को लेकर चर्चा करने को कहा है।
लेखाकार और एक कर्मचारी के निलंबन का प्रस्ताव पारित
बैठक में दो कर्मचारियों के निलंबन का प्रस्ताव पारित किया। सभासदों ने लेखाकार बहोरी लाल द्वारा एक महिला सभासद से अभद्रता करने पर निलंबन की मांग की। साथ ही स्ट्रीट लाइटें लगवाने में गड़बड़ी करने पर प्रकाश अनुभाग के कर्मचारी रामकिशन को भी निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया।
लाइटों की जांच की मांग
सभासद बिजेंद्र गुप्ता ने 47 लाख रुपये की लागत से जीटी रोड पर लगवाईं गई स्ट्रीट लाइटों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महंगे रेट पर लाइटें मनमाने तरीके से खरीद ली गईं। जबकि इनकी खरीद जैम पोर्टल से की जानी थी।
प्रतिनिधियों का रहा बोलबाला
बैठक में सभासदों के प्रतिनिधियों का बोलबाला रहा। बैठक में सभासद प्रतिनिधियों को प्रवेश दिया। जबकि नियम के मुताबिक प्रतिनिधियों को बोर्ड बैठक में प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
नौ महीने बाद हुई थी बैठक
यूं तो नगर पालिका की सामान्य बैठक हर तीन महीने और बजट की बैठक एक माह में होनी चाहिए, लेकिन नगर पालिका में नौ महीने बाद हुई। वह भी हंगामे की भेंट चढ़ गई।
ये रहे मौजूद
ईओ डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय, सभासद सुनील यादव, शाईस्ता, कांति देवी, रियाज अहमद, साधना पुंडीर, रेनू गुप्ता, मनीष जैन, अनुज जैन, विशेष यादव समेत तमाम सभासद मौजूद रहे।
सभासदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक में सभासदों ने मांग उठाई है। बैठक की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जल्द ही फिर से बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी।
डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय, ईओ नगर पालिका एटा
पालिकाध्यक्ष बोलीं, सभासदों ने नहीं किया बहिष्कार
नगर पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी ने कहा कि सभासदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार नहीं किया है। सभासदों को गुमराह किया है। 13-14 सभासद बैठक चाहते थे। कुछ लोग शहर का विकास रोकना चाहते हैं। जल्द ही फिर से बोर्ड बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सभासद कुलदीप, संगीता दिवाकर, प्रेमलता सविता, कुसुमादेवी, रियाज अहमद, इंद्राज सिंह, साधना पुंडीर, शैलेंद्र सिंह, दिलीप पचौरी ने बैठक का समर्थन किया।