पहले दिन ही बोर्ड मूल्यांकन अनुशासन की पोल खुल गई। बोर्ड के नियुक्त परीक्षक-उप प्रधान परीक्षकों में से मात्र 20 प्रतिशत ही उपस्थित हुए। पांचों मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात 2062 परीक्षकों में से 431 ही आए। कम उपस्थिति के चलते जीजीआईसी में पहले दिन मूल्यांकन शुरू नहीं हो सका।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार गिरि ने बुधवार को मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। परीक्षकों की अनुपस्थित पर नाराजगी जताते हुए गुरुवार को उपनियंत्रकों से सूची मांगी है। बोर्ड ने अनियमितताओं में चिन्हित 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को डिबार कर मूल्यांकन कार्य से रोक दिया है। वहीं राजकीय बालिका विद्यालय मूल्यांकन केंद्र पर नियुक्त 31 उपप्रधान परीक्षकों में से 15 और 307 में से मात्र 57 ही उपस्थित रहे। ऐसे में कम उपस्थिति के चलते पहले दिन का मूल्यांकन कार्य शुरू ही नहीं हो सका।
केंद्र पर नियुक्त 44 उप प्रधान परीक्षकों में से केवल 32 ही पहले दिन की बैठक में शामिल हुए। वहीं 407 परीक्षकों में से मात्र 92 ने ही उपस्थित दर्ज कराई।
- ओपी शर्मा, सह उपनियंत्रक, श्री गांधी स्मारक इंटर कालेज
मूल्यांकन केंद्र पर भी आधे से अधिक डीएचई और परीक्षक अनुपस्थित रहे। 29 उपप्रधान परीक्षकों में से 20, 285 परीक्षकों में से 107 ही उपस्थित हुए।
- डा. ज्ञानेंद्र कुदेशिया, उपनियंत्रक