हाथों में अर्घ, मन में भक्ति और धार्मिक गीतों पर थिरकते कदम। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को कस्बा के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दिखा। मौका था पार्श्वनाथ स्तोत्र विधान का।
मंदिर में सुबह मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक किया गया। इस दौरान पीत वस्त्रधारी इंद्रों ने जमकर भगवान की भक्ति की। इसके बाद मैनपुरी से आए पंडित कमल जैन के निर्देशन में पार्श्वनाथ विधान का आयोजन किया गया। जिसमें श्रावक-श्राविकाओं ने भगवान पार्श्वनाथ को मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ अर्घ अर्पित किए। पंडित कमल कुमार जैन ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ ने उपसर्ग को दूर करके मोक्ष प्राप्त किया। इसी प्रकार हर श्रावक को संसार के दुखों का नाश कर मोक्ष को प्राप्त करने का उपक्रम करना चाहिए। विधान के दौरान छह सितंबर से शुरू होने वाले पर्यूषण पर्व की तैयारियों पर चर्चा की गई। संदीप जैन ने बताया कि पर्व के दौरान मंदिर में सामूहिक पूजन और आरती की जाएगी। संदीप जैन, संजीव जैन, सतेंद्र जैन, सुमन जैन, अनिल जैन लालू, अनुज जैन, डा. प्रदीप जैन, सुशील जैन, राहुल जैन, अंबरीश जैन समेत अनेक श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।