एटा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में तैनात लिपिक को कमरे में बंद कर पीटने के मामले में एआरएम ने एक संविदा परिचालक की सेवा समाप्त कर दी है जबकि दूसरे को निलंबित किया है। सीओ सदर संजय सिंह शुक्रवार को पुलिसबल के साथ रोडवेज वर्कशॉप पहुंचे और कर्मचारियों से पूछताछ की।
आगरा रोड पर स्थित रोडवेज वर्कशॉप में बृहस्पतिवार को एआरएम नरेश कुमार गुप्ता ने लिपिक महावीर सिंह को सरकारी काम करने के लिए भेजा था। महावीर का आरोप है कि काम करते समय निगम के परिचालक विकास मिश्रा और संविदा परिचालक जितेंद्र कुमार सिंह आए और गालियां देने लगे। विरोध करने पर दोनों ने एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद जमीन पर पटककर बुरी तरह से पीटा और जातिसूचक शब्द भी कहे। आरोपी मरणासन्न अवस्था में छोड़कर भाग गए।
महावीर सिंह ने कोतवाली नगर में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। क्षेत्रीय प्रबंधक सतेंद्र कुमार ने बताया कि एआरएम ने कार्रवाई करते हुए संविदा परिचालक जितेंद्र कुमार सिंह की सेवा समाप्त कर दी है और निगम परिचालक विकास मिश्रा को निलंबित किया है।
सीओ सदर संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए वर्कशॉप गए थे। कर्मचारियों से बातचीत के साथ ही घटना के बारे में पूछताछ भी गई है।