एटा। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत कर दिया गया। इसके बाद से जिला अस्पताल समाप्त हो गया। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल बनना जरूरी है। इस पर एमएलसी ने पहल की। एमएलसी की पहल पर सीएमओ ने जिला अस्पताल बनाने के लिए पत्राचार किया है।
जिला अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती थीं। तीन वर्ष पूर्व जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत कर दिया गया। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में ही स्वास्थ्य सेवाएं देने लगे। कर्मियों को भी कॉलेज में ही कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को जिला अस्पताल की तरह सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। इस पर एमएलसी आशू यादव ने पहल शुरू की है और सीएमओ को पत्राचार करने को कहा। सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया एमएलसी की पहल पर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद स्थिति साफ होगी।
-
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर थीं, लेकिन अब नहीं मिल रहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में इधर-उधर भटकना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी व चिकित्सक मरीजों की ठीक से बात भी नहीं सुनते। -अंकित यादव, घिलौआ
-
जिला अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक सभी सेवाएं बेहतर थीं। जिम्मेदारी से चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी कार्य करते थे। अब कोई सुनने वाला नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गई हैं। -फैजल, ठंडी सड़क निवासी