गेहूं की खरीद का लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकारी एजेंसियां अब गांव-गांव दस्तक देंगी। यहां चौपाल लगाकर किसानों को गेहूं की खरीद के संबंध में समर्थन मूल्य, भाड़े आदि की योजनाओं की जानकारी देंगी और गांव से ही सीधे गेहूं खरीदकर अपने गोदामों तक भेजेंगी।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 44 क्रय केंद्र बनए गए हैं। इन पर कई सालों से गेहूं खरीद की स्थिति काफी खराब बनी हुई है। एजेंसियां लक्ष्य के नजदीक तक नहीं पहुंच पातीं। इस बार गेहूं खरीद के लिए शासन का रुख काफी कड़ा है साथ ही खरीद का लक्ष्य भी बढ़ा दिया गया है। सरकार की योजना का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए शासन के कड़े निर्देश को देखते हुए सरकारी एजेंसियों में खलबली मची हुई है।
खरीद केंद्रों की ओर किसानों का रुख न होने से एजेंसियों को लक्ष्य पूरा करने की चिंता सता रही है। इसके लिए गांव-गांव चौपाल लगाने की योजना बनाई गई है। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने बताया कि अब तक लक्ष्य का सात प्रतिशत गेहूं खरीदा जा चुका है। सभी एजेंसियों को गांव-गांव पहुंच कर खरीद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।