भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उन्होंने सपा को सांपनाथ, बसपा को नागनाथ बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेदम है और विकास का दावा करने वाली सपा सरकार ने इस बेदम और कमजोर पार्टी का सहारा लिया। यूपी में भाजपा का कमल खिल रहा है। तीन सौ से अधिक सीटें भाजपा जीत रही है और प्रदेश में अपनी सरकार बना रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मौर्य सहावर के नकासा मैदान में भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप अमांपुर, ममतेश शाक्य पटियाली, देवेंद्र राजपूत कासगंज के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं कासगंज में कमल खिलाने के साथ सपा-बसपा के प्रत्याशियों की जमानत जब्त कराने आया हूं। 11 मार्च से पहले भू माफियां जमीनों से कब्जे छोड़ दें। भाजपा सरकार बनते ही कब्जा करने वाले लोगों के साथ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था को पहले तो कांग्रेस ने पलीता लगाया, फिर सपा, बसपा ने प्रदेश की व्यवस्था खराब कर दी। सपा, बसपा जो कैंसर है जनता इसका इलाज करेगी। बसपा मुखिया ने अब तक दलित और पिछड़ों के वोट को बेचने का काम किया है।
उन्होंने मोदी सरकार की सराहना की प्रधानमंत्री ने नोट बंदी का फैसला गरीबों के हित में किया। तिजोरी में बंद काला धन बैंकों में आ गया। उन्होंने अन्य उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश के मान सम्मान के लिए मोदी सरकार काम कर रही है। भाजपा की सरकार किसी भी किसान को आत्महत्या नहीं करने देखी। किसानों का कर्जा पहली कैबिनेट में माफ कर दिया जाएगा, इसके अलावा ब्याज मुक्त ऋण किसानों को दिया जाएगा। भाजपा के घोषणा पत्र पर अमल का भरोसा दिया। कहा, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के लिए सरकार काम करेगी। 11 तारीख को मतदान के समय कमल के फूल और प्रधानमंत्री मोदी को याद रखना और भाजपा प्रत्याशियों को बहुमत से जिताना।
भाजपा की जनसभा को जिला प्रभारी नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी, प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप, ममतेश शाक्य, एटा जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ आदि ने संबोधित किया। इस दौरान भाजपा नेता डा. केत सिंह वर्मा, संजय पुंडीर, रूप किशोर कुशवाह, संजय कुशवाह, राजवीर भल्ला आदि मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जनसभा के दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई। कार्यकर्ता मंच पर पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करना चाहते थे। मंच पर क्षमता से अधिक ज्यादा लोगों के पहुंचने की स्थिति को देखकर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिससे कार्यकर्ताओं से नोकझोंक हो गई। जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।