मारहरा। परमिट, फिटनेस, नियम, कानून यह सब शब्द ऑटो और ई-रिक्शों के लिए अनजान हैं। क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाना तो इनकी फितरत में है ही, अब यह सवारियों के साथ सामान ढोने का भी जरिया बना लिए गए हैं। बेकाबू होकर हादसा होने का खतरा बना रहता है।सड़कों पर फर्राटा भर रहे सामान लदे ऑटो और ई-रिक्शा लोगों की जान को खतरा बने हुए हैं। मुख्य सड़कों, तिराहों, चौराहों से ई-रिक्शा व ऑटो पर चेकिंग एवं कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। कस्बा के मिरहची अड्डा, हैदरी चौक, मोहनपुरा अड्डा, पिदौरा अड्डा और नदरई मार्ग पर ऑटो-ई-रिक्शों की भरमार रहती है।
अधिकांश ऑटो बिना बीमा, फिटनेस के दौड़ रहे हैं। थाना प्रभारी सतपाल सिंह का कहना है कि कस्बे में चलने वाले ऑटो की चेकिंग समय-समय पर की जाती है। अभियान चलाकर सभी ऑटो चालकों के कागजात और मानक की जांच की जाएगी। सवारी गाड़ी में सामान ढोने की इजाजत नहीं है।