एटा। इस सत्र में 74 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जिसमें पहली कक्षा में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। इसी तरह 18 जूनियर हाईस्कूल की कक्षा में भी किसी नए छात्र का दाखिला नहीं हुआ है। इस स्थिति को लेते हुए विभाग में संबंधित शिक्षकों को अल्टीमेटम दिया है। वहीं प्रधानाध्यापकों से पोर्टल पर प्रवेश प्रक्रिया को अपडेट करने को कहा है।
जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के 1691 विद्यालय हैं। इनमें अधिक से अधिक दाखिला हो इसके लिए 1 से 15 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान चलाया गया था। अभियान की कमान बेसिक के लगभग 6000 शिक्षकों को सौंप गई थी।
इसके बावजूद परिणाम सकारात्मक नहीं आए हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 25 जुलाई तक 74 प्राथमिक विद्यालय सहित 18 जूनियर हाईस्कूल विद्यालय ऐसे हैं जिनमें एक भी बच्चे का प्रवेश नहीं हुआ है। इन स्कूलों में 1 व कक्षा 6 अब तक खाली ही चल रही हैं।
आयु सीमा बनी बाधा
शिक्षकों ने बताया कि पहली कक्षा में बच्चों के प्रवेश में सबसे बड़ी बाधा आयु सीमा है। बेसिक स्कूलों में 6 साल से कम आयु के बच्चों का दाखिला लिया नहीं जा सकता है। जबकि एक अभिभावक तीन-चार वर्ष की आयु में बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर देते हैं। ऐसे में बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कर देते हैं। एक बार निजी स्कूलों में पहुंचने के बाद बच्चे का वापस सरकारी स्कूल में पहुंचना मुश्किल हो जाता। आयु सीमा में छूट दी जानी चाहिए।
जिले में 74 प्राथमिक और 18 उच्च प्राथमिक में भी बच्चों का प्रवेश हुआ है। प्रधानाध्यापकों ने पोर्टल पर सूचना को अपडेट नहीं किया है। उनके पोर्टल पर अपडेट करने को कहा है। इसके लिए खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस भी दिया है। जल्द से जल्द प्रवेश की सूचना पोर्टल पर अपडेट कराएं। - दिनेश कुमार, बीएसए