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ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं शौचालय, खड़ंजे और बिजली

Tue, 02 Jun 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
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ग्रामीण क्षेत्रों में चुने गए जनप्रतिनिधियों ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों से लोग असंतुष्ट हैं। जनप्रतिनिधियों ने गांवों के विकास के लिए वायदे पूरे नहीं किए गए। गांवों में बिजली, शौचालय, पेयजल, नाली और खड़ंजे की समस्याएं नहीं सुधर रही हैं।
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गांवों में पंचायत चुनावों हुए साढ़े चार वर्ष हो गए। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख को चुना था। लोगों की उम्मीद थी कि सीसी मार्ग, स्वच्छ पेयजल योजना, शौचालय, नाली, खड़ंजा के कार्य कराए जाएंगे, लेकिन समय बीतने के बाद भी विकास कार्य नहीं हुए। नगला गढ़ी के नरेंद्र सिंह, इनाम सिंह का कहना है कि पंचायत चुनावों के दौरान जिला पंचायत सदस्य से गांव में सीसी मार्ग कराने की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक सीसी नहीं हुआ। नादरमई निवासी डालचंद्र, मुनेश का कहना है कि चुनाव के दौरान ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य ने स्वच्छ शौचालय, सीसी मार्ग और इंदिरा आवास देने की बात कही थी, लेकिन ग्रामीणों को शौचालय, इंदिरा आवास नहीं मिले। ग्राम बरसौंणा के प्यारेलाल का कहना है कि बीडीसी सदस्यों ने तो गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं कराया। दलित मोहल्ले में शौचालय बनवाने का भरोसा दिया गया था, जो अभी तक नहीं बन सका।


पीपल वाली गली की पिछले माह से टूटी पड़ी सड़क
 कासगंज। अशोक नगर की पीपल वाली गली पिछले माह से टूटी पड़ी है। समस्या को लेकर वार्ड सभासद भी गंभीर नहीं हैं। लोगों में सभासद की उदासीनता को लेकर रोष है, उन्होंने जल्द सड़क निर्माण की मांग की।
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गली में पालिका द्वारा दो साल पहले इंटरलॉकिंग का कार्य कराया गया। उस समय से ही गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। धीरे-धीरे ईंटे उखड़ने लगी। अब स्थिति यह हो गई है कि काफी बड़े हिस्से की ईंटे उखड़ चुकी हैं। जिससे काफी बड़े हिस्से में गड्ढे हो गए हैं। गली एक तो वैसे ही संकरी है। इस पर भी गड्ढे होने से लोगों के सामने समस्याएं हो गई हैं। आवागमन में लोगों को दिक्कत हो रही है। रात के समय लोगों को सबसे अधिक परेशानी रहती है। कई बार लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। श्याम बाबू का कहना है कि सभासद की उदासीनता से लोग परेशान हैं। वस्ती के राहुल कुमार, विपिन कुमार, बबलू, आनंद, पप्पू, पातीराम, जितेंद्र सिंह, सुनील आदि मौजूद रहे।
 तो मोहल्ला नवाब गली सत्तार बगिया में गंदगी का आलम है। एक सप्ताह से बस्ती में सफाईकर्मी नहीं आ रहा। नाली की सफाई हो रही और न सड़क की। जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। कूड़े के ढेर से दुर्गंध उठती रहती है। आवारा जानवर भी कूढ़े के ढेर को इधर उधर बिखेर देते हैं। हफीज, अहमद, कदीर, अरमान, जुबेर, रिहान, ताहिरा बेगम आदि ने आंदोलन की चेतावनी दी। 
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