एटा। सरकारी गेहूं क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। मंडी समिति में बने तीन क्रय केंद्रों पर न कांटा था और न कोई कर्मचारी ही मौजूद था। बंद पड़ी दुकानों पर बैनर ड्यूटी कर रहे थे।
शासन से गेहूं खरीद करने के निर्देश हैं। जिले में 77 क्रय केंद्र 17 मार्च से खोल दिए गए हैं। निर्देश हैं कि क्रय केंद्रों पर बैठकर केंद्र प्रभारी किसानों को जागरूक करें इसके साथ ही उन्हें रजिस्ट्रेशन करने के बारे में बताएं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की। टीम दोपहर 12:30 पर मंडी के क्रय केंद्र पर पहुंची। यहां दीवार पर बैनर लगा था, दुकान बंद थी। इसके बाद टीम 12:40 बजे मंडी में दूसरी तरफ बने क्रय केंद्र मंडी द्वितीय के क्रय केंद्र पर पहुंची। यहां बैनर बंधा हुआ था, लेकिन हवा में उड़ रहा था। दुकान बंद थी, कुछ दूर मौजूद लोगों से क्रय केंद्र प्रभारी के बारे में पूछा तो कोई कुछ नहीं बोला।
इसके बाद मंडी खाद्य एवं रसद विभाग के मंडी चतुर्थ के क्रय केंद्र पर टीम पहुंची। यहां भी बैनर रस्सी के सहारे बंधा था। दुकान यहां भी बंद मिली। जबकि शसन से निर्देश हैं कि क्रय केंद्रों को सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक खोला जाए और कर्मचारी मौजूद रहें।
गेहूूं आने में समय है, अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं आने की संभावना है। हो सकता है कि क्रय केंद्र प्रभारी किसानों को जागरूक करने चले गए हों या अन्य कार्य से गए हों। मामले की जानकारी की जाएगी। -सुभाष चंद्र मैठाणी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी